इब्राहिमपुर गांव में लगी पेपर मिल फैक्ट्री की चिमनी से निकल रहा है,मौत का काला जहर,स्थानीय ग्रामीण झेल रहे हैं बड़े बीमारियों की मार,जिम्मेदार विभाग सोया हुवा है कुंभकरण की नींद,ग्रामीणों ने लगाए कई गंभीर आरोप
हरिद्वार।जनपद हरिद्वार क्षेत्र के इब्राहिमपुर गांव मे लगी पेपर मिल फैक्ट्री की चिमनी से निकल रहा मौत का काला जहर,स्थानीय लोगों को घेर रही है कई अन्य प्रकार की बड़ी बीमारियां।शाम होते ही पेपर मिल की भट्टी में जहरीला प्रदूषण फैलाने वाले पदार्थों को झोंका जा रहा है,बड़ी बीमारियों की फैक्ट्री की चिमनी से चल रही हवाए।स्थानीय ग्रामीणो ने लगाई फैक्ट्री स्वामी पर कई प्रकार के गंभीर आरोप है की प्रतिदिन फैक्ट्री में आते हैं कबाड़ खानों और दूसरी फैक्ट्री से भरकर जहरीले प्लास्टिक के पदार्थों के वाहन।जिसका फैक्ट्री की भट्टी में जलाने के लिए किया जाता है इस्तेमाल,वही पेपर मिल फैक्ट्री की चिमनी से निकलने वाला काला धुआं स्थानीय ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर कई अन्य प्रकार की बड़ी घतक बीमारियों को लेकर खतरे की घंटी बजा रहा है।वही फैक्ट्री से निकलने वाला यह काला धुआं वायु प्रदूषण का एक प्रमुख मुख्य कारण भी माना जा रहा है कि जिस कारण गांव के लोगों को सांस की बीमारियाँ,त्वचा की समस्याएँ और अन्य विभिन्न प्रकार की समस्याए स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य पर खतरा बनकर गूंज रही है।ऐसे में बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि फैक्ट्री की चिमनी से निकलने वाला यह काला धुआं वायु प्रदूषण का कार्बन मोनोऑक्साइड,नाइट्रोजन ऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड जैसी हानिकारक गैसों को छोड़ कर,पर्यावरण और हवाओं की गुणवत्ता को भी खराब कर रहा है।जिसमें यह काला धुआं स्थानीय लोगों के लिए बड़ी बीमारियों की मुसीबत की जड़ बनता जा रहा है,ग्राम वासियों का कहना है की प्रशासन के ढीले रवैया के कारण, गांव में लगी कई फैक्ट्रियां हैं जो प्रदूषण को हवाएं दे रही है वही इनमें से एक पेपर मिल फैक्ट्री स्वामी पर्यावरण विशेषज्ञों के नियमों और कायदे कानून को दरकिनार कर फैक्ट्री में ईंधन के रूप में निम्न गुणवत्ता वाले पदार्थों का इस्तेमाल कर रहा है जिसमें फैक्ट्री की चिमनी से निकलने वाले काले धुवें के रूप में भारी मात्र में कार्बन उत्सर्जित प्रदूषण वायु गुणवत्ता को बेहद खराब कर आम जनजीवन के लिए बडा खतरा खडा कर रहा है।वही ग्रामीणों के यह गंभीर आरोप जिम्मेदारों की कार्य प्रणाली पर भी काफी बड़े सवाल खड़े कर रहा है,जिसमें संबंधित विभागीय अधिकारी कुंभकरणी नींद सोए हुए हैं अब देखना यह होगा की खबर प्रकाशित होने के बाद अब संबंधित विभागीय अधिकारी इस पर क्या संज्ञा ले पाते हैं या फिर जहरीले प्रदूषण की मार झेलते रहेंगे।




