आज दिनांक 30 मई 2024 को सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज सेक्टर 2 रानीपुर भेल हरिद्वार में विद्या भारती- जिला हरिद्वार की ओर से दो दिवसीय (29 मई से 30 मई)जिला स्तरीय आचार्य प्रशिक्षण वर्ग के दूसरे दिन के कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय डॉ0 महावीर अग्रवाल जी( पतंजलि विश्वविद्यालय, प्रति कुलपति उत्तराखंड, पूर्व कुलपति संस्कृत विश्वविद्यालय, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित), श्रीमान अजय सिंह(उप प्रधानाचार्य सरस्वती विद्या मंदिर इ0 का0 मायापुर हरिद्वार) तथा लोकेन्द्र दत्त अंथवाल(प्रधानाचार्य सरस्वती विद्या मंदिर इ 0 का0 से0 2 भेल रानीपुर हरिद्वार) में सामुहिक रूप से माँ सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलन द्वारा किया गया। प्रशिक्षण वर्ग में उपस्थित अतिथियों का परिचय अजय सिंह जी ने करवाया। महावीर अग्रवाल जी ने कहा कि शरीरमाद्यं खलु धर्म साधनम्’ अर्थात — शरीर ही सारे कर्तव्यों को पूरा करने का एकमात्र साधन है। इसलिए शरीर को स्वस्थ रखना बेहद आवश्यक है, क्योंकि सारे कर्तव्य और कार्यों की सिद्धि इसी शरीर के माध्यम से ही होनी है। अतः इस अनमोल शरीर की रक्षा करना और उसे निरोगी रखना मनुष्य का सर्वप्रथम कर्तव्य है। ‘पहला सुख निरोगी काया’ यह स्वस्थ रहने का मूल-मंत्र है। आपने कहा कि जितने भी हमारे महापुरुष हैं उन्होंने सर्वप्रथम अपने आत्म बल को जगाया है उसके उपरांत उन्होंने देश हित में कार्य किए हैं। मनुष्यों की शोभा आभूषणों से नहीं है स्वस्थ विचार स्वस्थ मन ही मनुष्य के आभूषण हैं। अपने सभी आचार्यों को संबोधित करते हुए कहा कि सर्वप्रथम आप अपने शरीर रूपी साधना को जगाओ उसके बाद ही आप भाभी पीढ़ी को स्वस्थ और सबल बना सकते हैं। शारीरिक शिक्षक ही बच्चों को शारीरिक रूप से सक्रिय होने के लिए प्रेरित करता है, और विद्यालय के लिए शारीरिक गतिविधि निदेशक की भूमिका भी निभाता है। विद्यालय के प्रधानाचार्य श्रीमान लोकेंद्र दत्त अंथवाल जी ने दो दिवसीय शिविर में आए मुख्य अतिथि एवम सभी आचार्य एवं आचार्याओं का आभार प्रकट किया और आपने कहा कि मुझे पूरी आशा है कि इस शिविर में आपने अति महत्वपूर्ण बातों को सीखा होगा और आप अपने विद्यालय में इन मुख्य बातों के द्वारा भैया बहनों को लाभान्वित करेंगे। कार्यक्रम में करूनेश सैनी, कमल सिंह रावत जी, अश्वनी जी ,अमित जी, प्रवीण कुमार आदि उपस्थित रहे।




