निर्दलीय लोकसभा प्रत्याशी उमेश कुमार 9 अप्रैल में लक्सर और खानपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में करेंगे रोड शो
रिपोर्ट अर्सलान अली
हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र में राज्य के एक पूर्व मुख्यमंत्री और एक पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र के रूप में प्रमुख दलों में शुमार BJP और कांग्रेस के प्रत्याशियों को सियासी अखाड़े में कड़ी टक्कर देने के लिए चुनावी मैदान में उत चुके निर्दलीय लोकसभा प्रत्याशी उमेश कुमार 9 अप्रैल को लक्सर और खानपुर ग्रामीण क्षेत्रों में दैनिक भ्रमण अथवा रोड शो करने जा रहे हैं जिसे लेकर उनके कार्यकर्ताओं द्वारा भीड़ जुटाने के लिए अपनी तैयारीयाँ जोर-शोर से शुरू कर दी गई है हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र में उत्तराखंड के 2 पूर्व मुख्यमंत्री और 1 निर्दलीय विधायक से जुड़ा त्रिकोणीय चुनावी मुकाबला सियासत की लड़ाई के रूप में बेहद दिलचस्प हो चुका है और खानपुर विधानसभा क्षेत्र के निर्दलीय विधायक होने के साथ-साथ हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र में भी अपनी निर्दलीय उम्मीदवारी के बावजूद भी लोकसभा प्रत्याशी उमेश कुमार के पक्ष में जगह-जगह भारी भरकम जनसैलाब लगातार उमड़ रहा है जिस कारण अन्य प्रत्याशियों और नेताओं को भी अपने पक्ष में इसका ख़ासा अभाव लगातार खल रहा है ऐसे में हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र के निर्दलीय प्रत्याशी उमेश कुमार की भीड़ को अन्य प्रत्याशी और दिग्गज नेता बाहरी लोग बताकर अपनी आत्मा को सियासी संतुष्टि देने का प्रयास कर रहे हैं तो कोई सामने सब कुछ होते हुए भी कुछ नहीं होने का रटा-रटाया बोल-बोलकर अपनी सियासी शाख और वर्चस्व को बचाने के प्रयास में जुटा है मगर निर्दलीय प्रत्याशी उमेश कुमार के अलावा उत्तराखंड की सत्ता पर काबिज भाजपा और विपक्ष की जिम्मेदारी संभालने वाली कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशियों को अपने सामने एक निर्दलीय प्रत्याशी के पक्ष में लोगों का भारी सैलाब सियासी दर्द पैदा कर रहा है बताते चलें कि लोकसभा प्रत्याशी उमेश कुमार द्वारा लक्सर नगर क्षेत्र और अन्य जगहों पर भारी जन सैलाब के साथ रोड शो निकालकर विरोधियों और अन्य प्रत्याशियों को चुनाव के सियासी अखाड़ों और आंकड़ों में असफल करार दिया जा चुका है वंही अन्य प्रत्याशियों के विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान उनके कार्यकर्ता और पदाधिकारी ज्यादा जबकि लोगों की भीड़ नाम मात्र की नजर आ रही है हाल ही में सत्ताधारी भाजपा के प्रत्याशी का रोड शो और उनके विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान भी क्षेत्र का किसान और व्यापारी वर्ग भी उनके प्रत्याशी और सांसद से अपनी कड़ी नाराजगी जाहिर कर चुका है तो अन्य क्षेत्रवासियों के लिए भी लक्सर क्षेत्र में रेलवे से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर भी आक्रोश आज भी जिंदा है क्षेत्रवासियों के आक्रोश से सत्ताधारी भाजपा और उससे जुड़े प्रत्याशियों के विरुद्ध उत्पन्न वातावरण जैसे मौजूदा चुनाव में सबक सिखाने का इंतजार कर रहा था मगर अब सबक सिखाने की सियासी घड़ी भी आ चुकी है और इसका एहसास सत्ताधारी दलों और अन्य नेताओं को भी पूरी तरह हो चुका है मगर जुबान से सच्चाई कहना इस लिए भी मुनासिब नहीं हो पा रहा है क्योंकि उन्हें संगठन में जी हुजूरी के साथ अपने वर्चस्व को तरक्की के पायदान पर बरकरार रखना है !




