गौ हत्या प्रतिबंध व अन्य मांगों को लेकर गौ भक्तों ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेट को सौंपा ज्ञापन
रुड़की।गौ माता को न्याय दिलाने एवं राष्ट्र माता का सम्मान दिलाने के लिए गौ हत्या प्रतिबंध हो,मुख्य रूप से इन मांगों के साथ गौ सम्मान आह्वाहन अभियान,रुड़की के द्वारा नंदी बाबा एवं गौ माता को साथ लेकर संकीर्तन करते हुए नगर में गौ भक्तों के द्वारा पदयात्रा,गौशाला में गौ माता का पूजन कर प्रारंभ की गई।पदयात्रा चंद्रपुरी,नेहरू स्टेडियम,आर्य कन्या स्कूल,सब्जी मंडी चौक,नगर निगम पुल,सिविल लाइन होते हुए तहसील स्थित ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंची,जहां पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेट को नंदी बाबा एवं गौ माता को साक्षी रखते हुए उनके साथ राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री,राज्यपाल,प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन गया।इस मौके पर बड़ी संख्या में गौ भक्त पदयात्रा में सम्मिलित रहे।पूरे मार्ग में गौ भक्त,गौ माता की जय,नंदी बाबा की जय का उद्घोष करते रहे।ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को ज्ञापन पढ़कर सुनाया गया,जिसमें मुख्य रूप से गौ हत्या पर पूर्णत प्रतिबंध लगे,गौ माता को राष्ट्र माता का सम्मान मिले एवं दस पेज का ज्ञापन व 3240 हस्ताक्षर युक्त प्रपत्र भी ज्ञापन के साथ संलग्न कर दिया गया।ज्ञापन में मुख्य रूप से यह उल्लेखित है एवं गौ माता को किस प्रकार सरकार के द्वारा सम्मान दिलाया जा सकता है इसका पूरा विवरण दिया गया है।गौ माता सनातन धर्मावलंबियों के लिए पूजनीय है,इसका सम्मान करना बहुत आवश्यक है।गौ माता अपने आप में आर्थिक निर्भरता,आत्मनिर्भरता के लिए प्रतिबद्ध रहती है,जिस घर में गौ माता रहती है वह घर अतुलनीय एवं सभी पीड़ा से मुक्त हो जाता है।गौ माता का आशीर्वाद प्रत्येक व्यक्ति के लिए प्रत्येक परिवार के लिए विशेष है।अब समय आ गया है कि गौ माता को न्याय मिलना ही चाहिए।ज्ञापन में जितने भी गौ माता को सम्मान दिलाने के लिए उपाय हो सकते हैं या विचार हो सकते हैं उन सब का उल्लेख किया गया है।इस अवसर पर रुड़की मेयर अनीता देवी अग्रवाल,राज्यमंत्री शोभाराम प्रजापति,प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष चौधरी धीर सिंह,गौशाला सभा के अध्यक्ष प्रमोद गोयल,पूर्व अध्यक्ष एचएम कपूर,ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष सतीश शर्मा,बांके बिहारी गौशाला के स्वामी सर्वेश्वर दास,धीरज पाल,हाकम सिंह आर्य,राम गोपाल कंसल,नवीन गुलाटी,सावित्री मंगला,देशबंधु सैनी आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।




