लंढौरा में कस्बे की सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगे सीसीटीवी कैमरे बंद।
लंढौरा। कस्बे की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नगर पंचायत द्वारा लाखों रुपए खर्च कर करीब 4 साल पहले चौक चौराहों पर सीसीटीवी लगाए गए सीसीटीवी कैमरे बंदे पड़े धूल फांक रहे है। हालत यह है कि कस्बा क्षेत्र में घटित घटनाओं में शिनाख्त के लिए पुलिस को सीसीटीवी फुटेज के लिए कभी दुकानों तो कभी घरों के बाहर लगे कैमरों की फुटेज के लिए भटकना पड़ता है।नगर पंचायत द्वारा कस्बे में निगरानी एवं सुरक्षा व्यवस्था के लिए करीब 4 साल पहले बीस लाख रुपए की लागत से मुख्य मार्गो चौराहों व सार्वजनिक स्थानों पर चालीस सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। जिस समय कैमरे लगाए थे तो उस समय लोगों ने इस पहल की सराहना की थी, सीसीटीवी कैमरे लगने के एक दो माह के बाद ही कानून की यह तीसरी आंख बंद हो गई अधिकांश कैमरे तो चोरी भी हो गए है। आज आलम यह है कि क्षेत्र में घटित घटनाओं में अपराधियो की शिनाख्त के लिए पुलिस को सीसीटीवी फुटेज के लिए कभी दुकानों तो कभी – घरों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के लिए भटकना पड़ता है। भाजपा मंडल अध्यक्ष अशोक कुमार पांडे, कांग्रेस नेता मौहम्मद तहसीन, दुकानदार श्रवण, हसीन हैदर, फारूक, तौकिर – आदि का कहना है कि कई बार कहने के बाद भी नगर पंचायत अधिकारी बंद पड़े कैमरों को ठीक कराने की दिशा में रुचि नहीं ले रहे है।




