सूत्रों के हवाले से उत्तराखण्ड से सबसे बड़ी खबर आ रही है। उत्तराखण्ड में एक बार फिर से विधानसभा उप चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है।
उत्तराखण्ड विधानसभा चुनाव 2022 में भाजपा ने राज्य की कुल 70 में से 47 सीटें जीती थी, लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपनी सिटिंग सीट खटीमा से चुनाव हार गए थे।
हालांकि बीजेपी आलाकमान ने सीएम पुष्कर सिंह धामी पर भरोसा जताते हुए दोबारा से प्रदेश की कमान उनको ही सौंपी है। ऐसे में अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को छः माह के अंदर उपचुनाव जीतकर विधानसभा का सदस्य बनना होगा। जिसको देखते हुए भाजपा संगठन सीट की तलाश कर रहा है।
मुख्यमंत्री धामी के लिए प्रदेश के आधा दर्जन से ज्यादा विधायक सीट छोड़ने की पेशकश पहले ही कर चुके हैं। जिसमे से सबसे मजबूत दावा चंपावत विधायक कैलाश गहतोड़ी का है। जिन्होंने सबसे पहले मुख्यमंत्री के लिए सीट छोड़ने की पेशकश की थी।
आपको बता दें कि चंपावत सीट खटीमा से लगती हुई है और यहां बीजेपी दो बार जीत दर्ज कर चुकी है। यहां के जातिगत समीकरण भी बीजेपी के हिसाब से फिट बैठते हैं। इसलिए माना जा रहा है कि यहां से धामी के लड़ने के बारे में एक राय कायम हो चुकी है।
सूत्रों के हवाले से एक बड़ी ख़बर भी सामने आ रही है कि देहरादून पहुंचकर गहतोड़ी ने चंपावत ज़िले के भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की है। जिसके बाद आधिकारिक तौर पर एक प्रस्ताव बनाकर भाजपा प्रदेश मुख्यालय में सौंपा गया है।
वहीं भाजपा सूत्रों की माने तो इस प्रस्ताव में गहतोड़ी ने सीट छोड़ने की पेशकश औपचारिक तौर पर की है। अब प्रक्रिया के मुताबिक गहतोड़ी पहले विधानसभा सदस्य पद से इस्तीफा देंगे। विधानसभा सीट खाली होने के बाद चुनाव आयोग उपचुनाव की घोषणा करेगा।माना जा रहा है कि गुरुवार तक स्थिति साफ हो जाएगी और चंपावत सीट खाली होने की घोषणा हो जाएगी। जिसके बाद ही मुख्यमंत्री धामी चंपावत से चुनाव लड़ेंगे।




