आगरा कबूतर वाली गुदड़ी कटरा मदारी खान स्थित दरगाह हजरत अब्दुल्ला सैयद शाह रहमतुल्लाह आले का तीन दिवसीय जश्ने उर्स मुबारक शुरू हो गया है

दरगाह के सज्जादा नशीन सगीर खान ने बताया कि बकरा ईद के बाद ही हजरत अब्दुल्ला सैयद शाहिद शाह बाबा रहमतुल्ला आले का तीन दिवसीय सालाना उर्फ मुबारक मनाया जाता है इस उर्स मुबारक में बड़ी ही दूर-दूर से अपने दिल की मुरादे लेकर अकीदत मंद लोग आते हैं और अपनी मुरादे पुरी बाबा के सदके में करते हैं बाद नमाज असर संदल चादरपोशी की गई वही फातिहा भी मजार पर पड़ी गई बाद नमाज मगरिब लंगर तकसीम किया गया बाद नमाज ईशा महफिल ए कव्वाली का आयोजन देर रात्रि तक चला उर्स मुबारक के आखिरी दिन कुल शरीफ की रस्म रंग की महफिल के साथ अदा की जाएगी बाद नमाज फजर कुरान खानी होगी वही सुबह 11:00 बजे दरगाह पर कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी आए हुए सभी लोगों से दरगाह के सज्जादा नशीन सगीर खान ने कहा कि बुजुर्गों के दरबार में आने से सभी परेशानियां दूर होती है अल्लाह तबारक ताला ने अपने महबूब बंदों इन वालियों को रखा है अल्लाह तबारक ताला ने कुरान पाक में फरमाया है कि मेरे वाली अल्लाह मेरे वकील हैं जो मेरा बंदा मेरे वाली अल्लाह के पास अपनी हाजिरी लगाएगा मैं उसे कभी भी परेशान हाल नहीं रहने दूंगा इसलिए हम सभी को इन वालियों से मोहम्मद निस्बत रखनी चाहिए हजरत सैयद अब्दुल्लाह शहीद बाबा रहमतुल्लाह आले ख्वाजा गरीब नवाज के ख़ाज़ांची भी है जो वाली अल्लाह बादशाह हिंदुस्तान हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती अजमेरी का महबूब हो उसे वाली अल्लाह के दर से सभी की मुरादे पूरी होती है कार्यक्रम में मुख्य रूप से कादर खान शबाब खान शब्बीर खान अनवर हाफिज शौकत वकार खान आसिफ खान आदिल खान हाशिम साबरी हाफिज अब्दुल वाहिद कारी आदि लोगों ने व्यवस्थाएं संभाली




