पुलिस आपके द्वार” कार्यक्रम के तहत, महिलाओं व बालिकाओं ने बढ़-चढ़कर लिया भाग। जनपद हरिद्वार में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के अंतर्गत थाना पथरी पुलिस टीम ने “पुलिस आपके द्वार” कार्यक्रम के तहत आयुर्वेदिक यूनानी कॉलेज पदार्थ में एक व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और बालिकाओं ने सहभागिता कर पुलिस द्वारा दी गई जानकारियों को गंभीरता से सुना।जानकारी के अनुसार, दिनांक 26 जनवरी 2026 से जनपद हरिद्वार पुलिस द्वारा निरंतर “पुलिस आपके द्वार” अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देश तथा कुशल पर्यवेक्षण में थाना पथरी पुलिस टीम ने कॉलेज परिसर में यह कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा से जुड़े कानूनों और आपातकालीन सहायता प्रणालियों के प्रति जागरूक करना रहा।कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने महिला सुरक्षा से संबंधित विभिन्न कानूनों की जानकारी दी। साथ ही गौरा शक्ति ऐप, उत्तराखंड पुलिस ऐप, आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112, महिला हेल्पलाइन 1090/1091 तथा साइबर अपराध से बचाव के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 के बारे में विस्तार से बताया गया। पुलिस टीम ने यह भी समझाया कि छेड़छाड़, घरेलू हिंसा, साइबर ठगी या किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में किस प्रकार त्वरित सहायता प्राप्त की जा सकती है।महिलाओं और बालिकाओं को संबोधित करते हुए पुलिस अधिकारियों ने कहा कि किसी भी समस्या की स्थिति में वे बिना किसी संकोच के पुलिस से संपर्क करें। पुलिस आपकी सुरक्षा और सहायता के लिए सदैव तत्पर है। इस दौरान आत्मरक्षा के सामान्य उपायों, सतर्कता बरतने के तरीके और दैनिक जीवन में सावधानियां अपनाने के महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए गए, ताकि महिलाएं स्वयं को सुरक्षित महसूस कर सकें।कार्यक्रम में उपस्थित स्थानीय नागरिकों और कॉलेज प्रशासन ने इस पहल की सराहना की। उनका कहना था कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम समाज में पुलिस के प्रति विश्वास को मजबूत करते हैं और महिलाओं को आत्मनिर्भर व सुरक्षित बनने के लिए प्रेरित करते हैं। नागरिकों ने आशा व्यक्त की कि उत्तराखंड पुलिस द्वारा भविष्य में भी इसी तरह के जनजागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे, जिससे समाज में सुरक्षा और सहयोग की भावना और अधिक सुदृढ़ हो सके।




