आर्य समाज मंदिर लक्सर का 91 वाँ वार्षिकोत्सव: वैदिक ज्योति से जगमगाया पहला दिन!

लक्सर शनिवार प्रातः काल की पहली किरण के साथ ही लक्सर के आर्य समाज मंदिर में दिव्य ऊर्जा का संचार हुआ। ठीक सुबह 8:00 बजे से शुरू हुआ यह पवित्र आयोजन वैदिक यज्ञ के साथ जिसे प्रसिद्ध विद्वान आदरणीय वीरेंद्र शास्त्री जी ने ब्रह्मा के रूप में संचालित किया। वैदिक मंत्रों की मधुर ध्वनि और हवन की ज्वाला ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक आभा से भर दिया। यजमानों की गरिमामयी उपस्थिति इस यज्ञ में यजमान के रूप में शामिल हुए एडवोकेट सार्थक अग्रवाल एवं उनकी धर्मपत्नी समीक्षा अग्रवाल आयुष अग्रवाल एवं उनकी धर्मपत्नी प्रगति अग्रवाल इन परिवारों ने वैदिक विधि से यज्ञ में भाग लिया और आशीर्वाद प्राप्त किया।भजन संध्या ने छू लिया हर दिल यज्ञ के बाद शुरू हुई भजनोपदेश की मधुर लहर!प्रसिद्ध भजन उपदेशक पंडित रिशिपाल पथिक जी पंडित प्रताप वैदिक कार्य जी रमेश चंद्र स्नेही जी इन महानुभावों ने परमपिता परमेश्वर के सुंदर भजनों के माध्यम से वेदों के अनुसार जीवन जीने का संदेश दिया। पूरा मंदिर भक्ति रस में डूब गया।मुख्य अतिथि का ऐतिहासिक योगदान इस अवसर पर लक्सर के आदरणीय विधायक श्री शहजाद जी मुख्य अतिथि के रूप में पधारे। उन्होंने विधायक निधि से 10,80,000 रुपये का योगदान देकर मंदिर के सौंदर्यीकरण कार्य को गति दी। विधायक जी ने स्वयं शिलापट्ट का अनावरण किया और 91वें वार्षिकोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।आर्य समाज पदाधिकारियों ने फूल-माला पहनाकर उनका जोरदार स्वागत किया और हृदय से धन्यवाद ज्ञयापित कियाउपस्थित गणमान्य व्यक्तिकार्यक्रम में आर्य समाज के समर्पित पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे राहुल अग्रवाल (मंत्री) गौरव आर्य (कोषाध्यक्ष) विनय सिंघल, बीरबल आर्य सुखपाल आर्य धनपत राय आर्य सेवाराम सिंघल धर्मचंद आर्य गौरव अग्रवाल प्रवेश गर्ग विजय ढल डॉ राजेंद्र वर्मा डॉ सौरव वर्धन सिंघल डॉ राजपाल टोंक सुरेश वाल्मीकि रतेंद्र तिवारी राजपाल आर्य सुरेश आर्य, दिनेश चौहान कुलदीप वाल्मीकि साथ ही मैत्री कन्या गुरुकुल मुंडाखेड़ा की ब्रह्मचारिणियाँ मातृशक्ति एवं छोटे-छोटे बच्चे सबने मिलकर उत्सव को और भी यादगार बना दिया।यह पहला दिन केवल एक शुरुआत था वैदिक संस्कृति, एकता और सेवा का जीवंत प्रमाण द्वितीय दिवस के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ!जय वेद! जय आर्य समाज!




