ई-रिक्शा चालकों के हक की लड़ाई को मिला नया ठिकाना, भारतीय ई-रिक्शा मजदूर यूनियन का कार्यालय उद्घाटन
मुजफ्फरनगर
शहर के सरकारी अस्पताल के सामने पाल धर्मशाला के पास स्थित रिक्शा स्टैंड पर आज भारतीय ई-रिक्शा मजदूर यूनियन का जिला कार्यालय विधिवत रूप से खोल दिया गया। सैकड़ों ई-रिक्शा चालकों की मौजूदगी में हुए इस कार्यक्रम में
मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी शाह आलम पहुंचे।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने जोश खरगोश के साथ फूल मालाओं से चौधरी शाह आलम का स्वागत किया चौधरी शाह आलम ने फीता काटकर कार्यालय का उद्घाटन किया और कहा, “ई-रिक्शा चालक गरीब तबके की रीढ़ हैं। इनका शोषण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भारतीय किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा इस यूनियन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा और हर संभव मदद करेगा।” यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुदेश गौतम एवं रमेश प्रजापति ने इसे ई-रिक्शा मजदूरों के लिए ऐतिहासिक दिन बताया। उन्होंने कहा, “आज से गरीब ई-रिक्शा चालकों की आवाज को दबाने वालों के खिलाफ खुला संघर्ष शुरू हो रहा है। पुलिस-प्रशासन, दलालों और ठेकेदारों द्वारा की जा रही जबरन वसूली व उत्पीड़न को हम बर्दाश्त नहीं करेंगे।” कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष प्रदीप वाल्मीकि, गुलशेर अब्बासी, रामनरेश, धर्मवीर कश्यप, राजा बालियान, शहरोज खान, इमरान, मोहम्मद अमजद, एडवोकेट रवि कुमार, एडवोकेट राजेश सैनी समेत सैकड़ों ई-रिक्शा चालकों ने शिरकत की और एकजुटता का संदेश दिया। ई-रिक्शा चालकों ने तालियां बजाते हुए कहा, “अब हमारे पास अपना घर है, अपनी यूनियन है। अब कोई हमें दबा नहीं सकता।” कार्यक्रम के अंत में सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने मुख्य अतिथि चौधरी शाह आलम का पगड़ी पहना कर फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया और उनके प्रति आभार व्यक्त किया। ई-रिक्शा चालकों में नई उम्मीद जागी है कि अब उनकी लड़ाई अकेले नहीं, एक मजबूत संगठन के साथ लड़ी जाएगी।




