संस्कृत ,विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के लिए सर्वश्रेष्ठ भाषा – प्रो. दिनेशचंद्र शास्त्री
रिपोर्ट महिपाल शर्मा l
हरिद्वार। उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में शिक्षाशास्त्र विभाग, भारतीय भाषा समिति, शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार एवं संस्कृत भारती उत्तरांचल न्यास के संयुक्त तत्वावधान में संस्कृत भाषा के संवर्धन में आईसीटी का अनुप्रयोग विषय पर एक दिवसीय अभिमुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो दिनेश चंद्र शास्त्री, मुख्य अतिथि डीआईजी ददनपाल, प्रो सत्येंद्र कुमार राजपूत एवं कुलसचिव गिरीश कुमार अवस्थी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
मुख्य अतिथि डीआईजी ददन पाल, कमांडेंट 40वीं वाहिनी, पीएसी हरिद्वार ने कहा कि संस्कृत प्राचीन के साथ ही आधुनिक भाषा भी है। आज भारत के साथ ही विश्व के अनेक देशों में संस्कृत का अध्ययन हो रहा है। श्रीमद् भगवद्गीता संसार में सर्वाधिक पढ़ा जाने वाला ग्रंथ है , इसमें जीवन जीने की कला के साथ ही अध्यात्म एवं प्रबंधन भी समाहित है।
कार्यक्रम अध्यक्ष कुलपति प्रो दिनेश चंद्र शास्त्री ने कहा कि संस्कृत विश्व की ऐसी भाषा है जिसमें समस्त प्राथमिक स्रोत विद्यमान हैं। ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक अनुसंधान के साथ ही अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए संस्कृत में पर्याप्त सामग्री उपलब्ध है, शोधकर्ताओं को चाहिए कि वे पांडुलिपि ग्रंथों के आधार पर शोध करते हुए समाज को एक नई दिशा प्रदान करें। उन्होंने कहा कि आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए संस्कृत को महत्वपूर्ण भाषा माना जा रहा है,इसलिए आज पूरे विश्व में संस्कृत के अध्येताओं की मांग बढ़ी है।
सारस्वत अतिथि गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय में फार्मास्यूटिकल विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो सत्येंद्र कुमार राजपूत ने कहा कि आज आईसीटी का युग है। धीरे धीरे शिक्षा का सशक्त माध्यम तकनीक बनती जा रही है। संस्कृत के विद्यार्थियों को चाहिए कि वे कंप्यूटर एवं विज्ञान के माध्यम से संस्कृत शिक्षा का विकास करें।
अतिथियों का स्वागत शिक्षाशास्त्र विभाग के प्रभारी विभागाध्यक्ष एवं कार्यक्रम के संयोजक डॉ अरविंद नारायण मिश्र ने किया।
कार्यक्रम का संचालन डा विन्दुमती द्विवेदी ने किया। द्वितीय सत्र में गुरुकुल कांगड़ी सम विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ महेंद्र सिंह असवाल ने मौजूदा दौर में आईसीटी का अनुप्रयोग विषय पर व्याख्यान दिया।
तृतीय सत्र में अनुवाक टेक्नोलॉजी, हैदराबाद के सीईओ डा. अनिल कुमार ने संस्कृत भाषा के संवर्धन में आईसीटी का अनुप्रयोग विषय पर अपनी बात रखी।
इस अवसर पर डा प्रकाश पंत, डा सुमन प्रसाद भट्ट, सुशील चमोली, मीनाक्षी सिंह रावत एवं 50 से अधिक प्रतिभागी उपस्थित रहे।



