स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश, रायसी कॉलेज में चला श्रमदान अभियान

लक्सर। हर्ष विद्या मंदिर पीजी कॉलेज, रायसी में रविवार को स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण को समर्पित विशेष अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री कुंदन सिंह परिहार ने एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस स्वयंसेवियों एवं स्काउट-गाइड कैडेट्स के साथ श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया तथा परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का आह्वान किया।”एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में कुंदन सिंह परिहार ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दायित्व नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। स्वच्छता और हरित पर्यावरण के माध्यम से ही स्वस्थ एवं समृद्ध समाज का निर्माण संभव है।कार्यक्रम के आयोजक एवं लक्सर ब्लॉक प्रमुख डॉ. हर्ष कुमार दौलत ने कहा कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण जनभागीदारी से ही सफल हो सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने जीवन में स्वच्छता को अपनाने तथा अधिक से अधिक पौधे लगाकर उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यदि वर्ष में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है।महाविद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष डॉ. के.पी. सिंह ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में सामाजिक एवं पर्यावरणीय उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी है। ऐसे कार्यक्रम युवाओं को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाते हैं और समाज के प्रति उनके दायित्वों का बोध कराते हैं।महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. आदित्य गौतम ने कहा कि स्वच्छ परिसर और हरित वातावरण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं से पर्यावरण संरक्षण के अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।कार्यक्रम में खानपुर मंडल अध्यक्ष भगत सिंह, लंढोरा मंडल अध्यक्ष अशोक पांडे, खानपुर मंडल प्रभारी नवनीत वर्मा सहित भाजपा के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। महाविद्यालय के शिक्षकगण, एनसीसी अधिकारी, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी, स्काउट-गाइड प्रभारी तथा अन्य स्टाफ सदस्यों ने भी अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।कार्यक्रम ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जन-जागरूकता का प्रभावी संदेश देते हुए सभी प्रतिभागियों को प्रकृति संरक्षण के लिए सक्रिय योगदान देने की प्रेरणा प्रदान की।



