सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम के लिए जिलाधिकारी का सख्त रुख
तेज रफ्तार और ओवरलोड वाहनों पर होगी कड़ी कार्रवाई, सड़कें 30 नवंबर तक होंगी गड्ढामुक्त।
हरिद्वार। जनपद में सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण और नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सड़क सुरक्षा एवं दुर्घटना न्यूनीकरण अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सख्त और ठोस कदम उठाए जाएं।
उन्होंने कहा कि तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग, शराब पीकर वाहन चलाने, और बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन को निर्देशित किया कि सुबह और शाम के व्यस्त समय में सघन चेकिंग अभियान चलाया जाए, ताकि यातायात अनुशासन को सख्ती से लागू किया जा सके।
उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वालों पर जुर्माना लगाने के साथ-साथ उनकी गाड़ियों को सीज करने में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जनपद में स्थित सभी ब्लैक स्पॉट्स का पुनः निरीक्षण किया जाए और दुर्घटनाओं की संभावनाओं को कम करने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कार्य किए जाएं।
जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों को निर्देश दिए कि उनके अधीन आने वाली सभी सड़कों को तत्काल गड्ढामुक्त किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि जिन मार्गों पर अभी तक मरम्मत का कार्य पूरा नहीं हुआ है, उन पर पेचवर्क कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना न रहे।
उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि पुराना चंडी पुल का निर्माण कार्य हर स्थिति में 30 नवंबर 2025 तक पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि यह पुल जनपद की यातायात व्यवस्था का अहम हिस्सा है और इसके निर्माण में देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी।
बैठक में जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि जनपद में संचालित सभी ड्राइविंग स्कूलों की जांच की जाए कि वे मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण दे रहे हैं या नहीं। उन्होंने परिवहन विभाग को निर्देश दिए कि प्रशिक्षण व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जाए ताकि सड़क पर उतरने वाले वाहन चालक नियमों और सुरक्षा मानकों की पूरी जानकारी रखते हों।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी निखिल शर्मा ने बैठक में बताया कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए परिवहन और पुलिस विभाग द्वारा लगातार चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 01 जनवरी 2025 से सितंबर 2025 तक परिवहन विभाग द्वारा बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले 9129 चालकों, ओवरलोडिंग के 2456, ओवरस्पीड के 6618, तथा शराब पीकर वाहन चलाने वाले 9 चालकों के विरुद्ध चालान किए गए हैं।
इसके अतिरिक्त, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 2968 वाहनों को सीज किया गया है। वहीं पुलिस विभाग द्वारा बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले 8904, ओवरस्पीड के 15037, ओवरलोडिंग के 478, और शराब पीकर वाहन चलाने वाले 1097 चालकों के विरुद्ध चालान किए गए हैं। पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने वाले 7846 वाहनों को सीज भी किया है।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य सड़क दुर्घटनाओं में न्यूनतम स्तर तक कमी लाना है। उन्होंने सभी विभागों से समन्वय बनाकर काम करने और आम जनता में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता फैलाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा सभी की जिम्मेदारी है, और इसके लिए जनसहयोग भी आवश्यक है।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.के. सिंह, अधीक्षण अभियंता पीडब्ल्यूडी डी.पी. सिंह, एआरटीओ (ई) नेहा झा, एआरटीओ (ए) निखिल शर्मा, एआरटीओ (ए) कृष्णचंद्र पलारिया, अधिशासी अभियंता लोनिवि दीपक कुमार, सीओ ट्रैफिक संजय चौहान, नरेश चौधरी सहित संबंधित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।




