रिपोर्ट महिपाल शर्मा l135 बीघा सरकारी भूमि विवाद: हीरो रियल्टी और अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग
रोशनाबाद में कथित कब्जे और कॉलोनी विकसित करने के आरोपों पर कांग्रेस नेता वरुण बालियान ने उठाए सवाल, राजस्व अभिलेखों व ले-आउट स्वीकृति की जांच की मांग
हरिद्वार। रोशनाबाद स्थित जिला मुख्यालय क्षेत्र के समीप करीब 135 बीघा भूमि को लेकर विवाद एक बार फिर चर्चा में है। प्रेस क्लब हरिद्वार में आयोजित पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेता वरुण बालियान ने ग्राम आन्नेकी हेतमपुर की भूमि के संबंध में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए हीरो रियल्टी और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने भूमि के स्वामित्व, राजस्व अभिलेखों और कॉलोनी के ले-आउट की वैधता की जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने की मांग उठाई।
बालियान ने आरोप लगाया कि संबंधित भूमि पर कॉलोनी विकसित की जा रही है, जबकि उनके अनुसार हीरो रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड के नाम राजस्व अभिलेखों में भूमि दर्ज होने की स्थिति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण से कथित तौर पर स्वीकृत ले-आउट की वैधता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि स्वामित्व और अनुमति से जुड़े दस्तावेजों की जांच आवश्यक है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ रजिस्ट्रियों में खसरा नंबरों का स्पष्ट उल्लेख नहीं होने से खरीदारों के हित प्रभावित होने की आशंका है।
2007 में भूमि खरीद की अनुमति का हवाला
कांग्रेस नेता के अनुसार, 18 दिसंबर 2007 को उत्तराखंड शासन ने ग्राम आन्नेकी हेतमपुर में उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम की धारा 154(4) के अंतर्गत आवासीय प्रयोजन के लिए 20 हेक्टेयर भूमि खरीदने की अनुमति दी थी। उन्होंने दावा किया कि निर्धारित अवधि में भूमि का स्वीकृत प्रयोजन के अनुरूप उपयोग किए जाने तथा शेष भूमि के स्वामित्व और हस्तांतरण की स्थिति की जांच होनी चाहिए।
बालियान ने एयरो इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, हीरो रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड और हीरो रियल्टी लिमिटेड के नामों से संबंधित भूमि के दस्तावेजों की जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि राजस्व अभिलेखों, खतौनी, भूमि हस्तांतरण और स्वीकृत ले-आउट से संबंधित रिकॉर्ड के आधार पर वास्तविक स्वामित्व की स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री और शासन स्तर पर शिकायत का दावा
बालियान ने बताया कि शिकायतकर्ता राजेश कुमार ने इस मामले में मुख्यमंत्री और शासन स्तर पर शिकायतें की हैं। उनके अनुसार, एसडीएम स्तर पर हुई जांच में हीरो रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड के नाम राजस्व अभिलेखों में भूमि दर्ज नहीं होने की बात सामने आई थी।
उन्होंने यह भी बताया कि 27 फरवरी 2025 को धारा 154(4) के तहत जिलाधिकारी न्यायालय में वाद प्रस्तुत किया गया था। बालियान का आरोप है कि लंबे समय से मामला लंबित रहने के बावजूद अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने जांच की वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की समीक्षा करने की मांग की।
कार्रवाई नहीं हुई तो दोबारा धरने की चेतावनी
बालियान के अनुसार, शिकायतकर्ता राजेश कुमार ने 5 अगस्त 2026 को जिला मुख्यालय पर धरना दिया था। उस दौरान अपर जिलाधिकारी की ओर से कार्रवाई का आश्वासन मिलने का दावा किया गया, लेकिन शिकायतकर्ता का कहना है कि अब तक मामले का समाधान नहीं हुआ है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई नहीं की गई, तो राजेश कुमार दोबारा धरना शुरू करेंगे। उन्होंने शासन और जिला प्रशासन से मांग की कि भूमि के स्वामित्व, राजस्व अभिलेखों, हस्तांतरण दस्तावेजों, ले-आउट की स्वीकृति और रजिस्ट्रियों की जांच कर तथ्य सार्वजनिक किए जाएं। साथ ही, जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
प्रेसवार्ता के दौरान मुरली मनोहर सहित अन्य लोग मौजूद रहे।




