कौशलवान युवा ही विकसित भारत की पहचान, नई तकनीक सीखना समय की मांग: डॉ. हर्ष कुमार दौलत
हर्ष विद्या मंदिर (पी.जी.) कॉलेज, रायसी में विश्व युवा कौशल दिवस पर एनसीसी कैडेटों ने दिया आत्मनिर्भरता, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा का संदेश
लक्सर हर्ष विद्या मंदिर (पी.जी.) कॉलेज, रायसी में बुधवार को विश्व युवा कौशल दिवस-2026 उत्साह और प्रेरणादायी माहौल में मनाया गया। कार्यक्रम में युवाओं को कौशल विकास, नेतृत्व क्षमता, आत्मनिर्भरता और आधुनिक रोजगारोन्मुखी दक्षताओं का महत्व बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि बदलते दौर में सफलता का आधार केवल डिग्री नहीं, बल्कि व्यावहारिक कौशल और नवाचार है।
कॉलेज के सचिव डॉ. हर्ष कुमार दौलत ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कौशल विकास ही विकसित भारत की सबसे मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि आज का युवा यदि नई तकनीकों, डिजिटल दक्षताओं और व्यवहारिक कौशलों को अपनाएगा, तभी वह वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सकेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से निरंतर सीखने, स्वयं को समय के अनुरूप तैयार करने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम कॉलेज अध्यक्ष डॉ. के.पी. सिंह के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक युग में युवाओं के लिए शैक्षणिक ज्ञान के साथ नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और व्यवहारिक दक्षता भी उतनी ही आवश्यक है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास को नई दिशा देते हैं।
प्राचार्य डॉ. आदित्य गौतम ने कहा कि एनसीसी युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करती है। उन्होंने कैडेटों से अपने कौशल को समाज और देशहित में उपयोग करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में डॉ. अजीत कुमार राव, डॉ. वर्षा रानी और डॉ. कुलदीप ने आधुनिक करियर, रोजगार, सतत विकास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे विषयों पर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। इस दौरान एनसीसी कैडेट नैना देवी, खुशी, आरती, नेहा और रविंदर ने सक्रिय सहभागिता कर कार्यक्रम को सफल बनाया। विद्यार्थियों ने कौशल विकास को जीवन का लक्ष्य बनाने का संकल्प भी लिया।




