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चिलचिलाती गर्मी में इंसानियत की मिसाल बने मौ. सलीम, लोगों से की नेक कामों में आगे आने की अपील

चिलचिलाती गर्मी में इंसानियत की मिसाल बने मौ. सलीम, लोगों से की नेक कामों में आगे आने की अपील

हरिद्वार ग्रामीण। आज के दौर में जहां लोग अपनी व्यस्त जिंदगी में अक्सर केवल अपने बारे में सोचते हैं, वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो दूसरों के दुख-दर्द को अपना समझकर समाज की सेवा में लगे रहते हैं। हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र के घिस्सुपुरा गांव निवासी मौ. सलीम ऐसे ही लोगों में शामिल हैं, जो पिछले कई वर्षों से बिना किसी स्वार्थ और बिना किसी भेदभाव के समाज सेवा के कार्य कर रहे हैं।मौ. सलीम का मानना है कि इंसान की असली पहचान उसके अच्छे कर्मों से होती है। यही कारण है कि वह समय-समय पर जरूरतमंद लोगों की मदद करने के साथ-साथ जंगली जानवरों, पशुओं और पक्षियों के लिए भी पानी की व्यवस्था करते रहते हैं। भीषण गर्मी के दिनों में उनकी यह पहल इंसानियत और जीवों के प्रति प्रेम का सुंदर उदाहरण बनकर सामने आई है।वर्तमान में पथरी क्षेत्र में चल रहे हजरत शाह मोहम्मद शाह काठा पीर मेले में भी मौ. सलीम द्वारा जायरीन और क्षेत्रवासियों के लिए पानी की सेवा लगातार की जा रही है। तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच उनकी ओर से की जा रही यह सेवा लोगों को राहत पहुंचाने का काम कर रही है। मेले में आने वाले कई लोगों ने उनके इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्य समाज में आपसी भाईचारे और मानवता को मजबूत करते हैं।मौ. सलीम ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि गर्मी का मौसम केवल इंसानों के लिए ही नहीं, बल्कि पशु-पक्षियों और अन्य जीवों के लिए भी कठिन होता है। यदि हर व्यक्ति अपने घर, दुकान, खेत या मोहल्ले में पानी की छोटी-सी व्यवस्था कर दे, तो अनेक जीवों की प्यास बुझाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि घरों की छतों, आंगनों और सार्वजनिक स्थानों पर पक्षियों के लिए पानी रखना एक छोटा सा काम है, लेकिन इसका महत्व बहुत बड़ा है।उन्होंने कहा कि आज जरूरत इस बात की है कि हम केवल अपने लिए नहीं, बल्कि दूसरों के लिए भी सोचें। किसी प्यासे को पानी पिलाना, किसी जरूरतमंद की मदद करना और किसी दुखी व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाना सबसे बड़ा नेक काम है। इंसान अपने साथ धन-दौलत नहीं ले जाता, लेकिन उसके अच्छे कर्म हमेशा याद रखे जाते हैं।क्षेत्रवासियों ने भी मौ. सलीम की सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे समाजसेवी समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनका कार्य यह संदेश देता है कि इंसानियत आज भी जिंदा है और यदि हर व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार समाज के लिए थोड़ा-सा समय और सहयोग दे, तो समाज में बहुत बड़ा सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।मौ. सलीम ने अंत में सभी लोगों से अपील की कि इस भीषण गर्मी में जहां तक संभव हो, पानी की व्यवस्था करें, पशु-पक्षियों का ख्याल रखें और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहें। उनका कहना है कि अच्छे कर्म ही इंसान की सबसे बड़ी पूंजी हैं और यही पूंजी दुनिया और आखिरत दोनों में काम आती है।

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