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सात दिवसीय स्काउट मास्टर,गाइड कप्तान शिविर के तीसरे दिन गांठे बंधन सीखते प्रशिक्षणार्थी अध्यापक

सात दिवसीय स्काउट मास्टर,गाइड कप्तान शिविर के तीसरे दिन गांठे बंधन सीखते प्रशिक्षणार्थी अध्यापक

उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय, हरिद्वार के शिक्षाशास्त्र विभाग द्वारा आयोजित साप्ताहिक स्काउट-गाइड प्रशिक्षण कार्यक्रम उत्साह, अनुशासन और सेवाभाव के वातावरण में सफलतापूर्वक आयोजित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य छात्र-छात्राओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मनिर्भरता, सेवा-भाव, सामाजिक उत्तरदायित्व, अनुशासन तथा राष्ट्रप्रेम जैसे मानवीय और नैतिक मूल्यों का विकास करना रहा।कार्यक्रम में उपस्थित प्रशिक्षक श्री पुरवेन्द्र कुमार ने स्काउट-गाइड प्रशिक्षण की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्काउट-गाइड केवल एक सह-पाठयक्रम गतिविधि नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक सशक्त पद्धति है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का प्रशिक्षण विद्यार्थियों को समयपालन, आत्मविश्वास, टीम-भावना, संकट-प्रबंधन, सेवा और नेतृत्व जैसे गुणों से समृद्ध करता है। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे स्काउट-गाइड की भावना को अपने दैनिक जीवन में अपनाकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनें।इस अवसर पर प्रशिक्षक श्री महिपाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि स्काउट-गाइड प्रशिक्षण विद्यार्थियों को शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से सुदृढ़ बनाता है। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण केवल गतिविधियों का अभ्यास नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की एक प्रभावी प्रक्रिया है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि अनुशासन, सहयोग और सेवा ही एक श्रेष्ठ नागरिक की पहचान है।प्रशिक्षक डॉ. शकुन सिंह ने कहा कि शिक्षाशास्त्र विभाग का उद्देश्य केवल शैक्षिक दक्षता प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को चरित्रवान, उत्तरदायी और संवेदनशील शिक्षक के रूप में तैयार करना भी है। उन्होंने कहा कि स्काउट-गाइड जैसी गतिविधियाँ विद्यार्थियों के भीतर कर्तव्यनिष्ठा, सामाजिक चेतना का विकास करता है।प्रभारी विभागाध्यक्ष डॉ. विंदुमती द्विवेदी ने अपने संदेश में कहा कि आज के समय में शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञानार्जन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि उसका लक्ष्य विद्यार्थियों में जीवन-कौशल, नैतिकता, संवेदनशीलता और नेतृत्व का विकास करना भी है। उन्होंने कहा कि स्काउट-गाइड प्रशिक्षण विद्यार्थियों को व्यवहारिक जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता प्रदान करता है तथा उनमें सेवा और समर्पण की भावना को सुदृढ़ करता है।कार्यक्रम के संचालन और समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए स्काउट-गाइड संयोजक डॉ. सुमन प्रसाद भट्ट ने कहा कि स्काउट-गाइड प्रशिक्षण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बताया कि इस साप्ताहिक प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रार्थना, ध्वज शिष्टाचार, गांठें, प्राथमिक उपचार, अनुशासन, परेड, सेवा-कार्य तथा दलगत समन्वय जैसी उपयोगी गतिविधियों का अभ्यास कराया जा रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह प्रशिक्षण विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक दिशा प्रदान करेगा।सत्र संयोजक श्रीमती मीनाक्षी सिंह रावत ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि स्काउट-गाइड प्रशिक्षण विद्यार्थियों में सक्रियता, सजगता, आत्मविश्वास और सामाजिक सहभागिता को विकसित करता है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों को केवल ज्ञानवान ही नहीं, बल्कि कर्तव्यनिष्ठ, सहयोगी और समाजोपयोगी व्यक्तित्व के रूप में विकसित करते हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से प्रशिक्षण में नियमित सहभागिता बनाए रखने का आह्वान किया। स्काउट-गाइड से संबंधित विभिअंत में विभाग की ओर से यह संदेश दिया गया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को निखारने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्र और समाज के प्रति उत्तरदायी नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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