रिपोर्ट महिपाल शर्मा lउत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार के शिक्षाशास्त्र विभाग में क्षेत्र आधारित परियोजना भ्रमण के अन्तर्गत विश्वविद्यालय परिसर का भ्रमण किया गया। जिसमें पर्यावरण अध्ययन के अन्तर्गत छात्राध्यापकों को हरसिंगार , तेजपत्ता , आंवला , सूरजमुखी ,नीम , तुलसी , बेला , अशोक , अमरूद , गिलोय और गुलाब आदि औषधीय वनस्पतियों को एकत्रित करने के लिए दिए गए कार्य का अवलोकन किया गया। जिसमें शिक्षाशास्त्र विभाग की आचार्या श्रीमती मीनाक्षी सिंह रावत नें वनस्पतियों के औषधीय लाभों के विषय में छात्रों को अवगत करवाते हुए कहा कि पहले आदिवासी समाज प्राकृतिक वनस्पति औषधीयों के विषय में जानता था।अब इन औषधियों वनस्पतियों की रक्षा करना और उन्हें जानना हमारी आगे आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है ।आज के वर्तमान युग में मानव को प्रकृति के साथ मिलकर चलना होगा। परिसर भ्रमण में परियोजना में कार्य करने वाले जगदीश , आयुष , सौरभ , सुमन , माधव , जीवानन्द , निकुंज आदि उपस्थित रहे।




