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फर्जी हाईस्कूल परीक्षा रैकेट का भंडाफोड़, स्कूल हैंड मास्टर गिरफ्तार।

फर्जी हाईस्कूल परीक्षा रैकेट का भंडाफोड़, स्कूल हैंड मास्टर गिरफ्तार।

जनपद में सार्वजनिक परीक्षाओं की शुचिता और विश्वसनीयता को बनाए रखने के उद्देश्य से हरिद्वार पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़े फर्जी हाईस्कूल परीक्षा प्रकरण का खुलासा हुआ है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में कोतवाली रानीपुर पुलिस ने स्कूल हैंड मास्टर को गिरफ्तार कर परीक्षा में प्रतिरूपण (इम्पर्सनेशन) के षड्यंत्र का पर्दाफाश किया है।
यह मामला 24 फरवरी 2026 का है, जब राजकीय इंटर कॉलेज सलेमपुर में हाईस्कूल परीक्षा के दौरान एक छात्रा को दूसरे के नाम पर फर्जी रूप से परीक्षा दिलाए जाने की शिकायत सामने आई। इस संबंध में कॉलेज के प्रधानाचार्य सुरेश चंद्र द्विवेदी द्वारा थाना रानीपुर में सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा संख्या 59/2026 पंजीकृत कराया गया था। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
प्रारंभिक जांच में रानीपुर पुलिस ने परीक्षा केंद्र से तीन “मुन्ना भाई” और चार “मुन्नी बहनों” को हिरासत में लिया था। उनके कब्जे से फर्जी प्रवेश पत्र बरामद हुए थे, जिससे यह स्पष्ट हो गया था कि मामला संगठित तरीके से रचा गया है। इसके बाद प्रभारी निरीक्षक आशुतोष सिंह राणा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने विस्तृत विवेचना करते हुए इस पूरे रैकेट के मुख्य साजिशकर्ता की पहचान पर काम तेज किया।
जांच के दौरान सामने आया कि फर्जी प्रवेश पत्र तैयार कर परीक्षा दिलवाने की पूरी योजना एक व्यक्ति द्वारा रची गई थी, जो स्वयं को स्कूल का प्रिंसिपल बताकर लोगों को गुमराह कर रहा था। पुलिस ने 26 फरवरी 2026 को आरोपी चंगेज अंसारी पुत्र जहीर अंसारी, उम्र 40 वर्ष, निवासी मेन रोड मोहल्ला चौहनान, ज्वालापुर को पूछताछ के उपरांत हिरासत में ले लिया।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह खुद को “अल्मोडिया इस्लामिक हाई स्कूल, ज्वालापुर” का प्रिंसिपल बताता था। इसके साथ ही उसने “द सक्सेज प्वॉइंट” नाम से व्हाट्सएप और सोशल मीडिया ग्रुप के माध्यम से ऑनलाइन कोचिंग संचालित करने की बात भी कबूल की। आरोपी ने ट्यूशन के नाम पर एक छात्रा के परिजनों से परीक्षा पास कराने का झांसा देकर धनराशि वसूली। इसके बाद उसने एक अन्य छात्रा की फोटो का उपयोग करते हुए फर्जी प्रवेश पत्र तैयार कराया और वास्तविक परीक्षार्थी के स्थान पर दूसरी छात्रा को परीक्षा दिलवा दी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह पूरी साजिश सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाने वाली है। आरोपी द्वारा धोखाधड़ी, कूट रचना और प्रतिरूपण जैसे गंभीर अपराध किए गए हैं। रानीपुर पुलिस ने आरोपी को संबंधित धाराओं में हिरासत में लेकर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
जांच के दौरान यह भी तथ्य सामने आया है कि इस प्रकरण में सावित्री शिक्षा सदन रावली महदूद की भूमिका भी संदिग्ध हो सकती है। पुलिस द्वारा उक्त संस्थान से जुड़े दस्तावेजों और गतिविधियों की गहन जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
हरिद्वार पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे मामलों में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने यह भी संकेत दिए हैं कि यदि जांच में अन्य व्यक्तियों या संस्थानों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस टीम। प्रभारी निरीक्षक आशुतोष राणा, उपनिरीक्षक मंदीप सिंह और कांस्टेबल विवेक गुसाईं।

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