Uncategorized

यूनानी चिकित्सा का शानदार उत्सव: लक्सर में ‘वर्ल्ड यूनानी मेडिसिन डे’ का भव्य समापन,

यूनानी चिकित्सा का शानदार उत्सव: लक्सर में ‘वर्ल्ड यूनानी मेडिसिन डे’ का भव्य समापन, हजारों ने लिया हिस्सा!लक्सर (फ़रमान खान) प्राचीन यूनानी चिकित्सा की जड़ों को नई जान फूंकते हुए उत्तराखंड के HMH पैरामेडिकल कॉलेज में आज ‘वर्ल्ड यूनानी मेडिसिन डे’ का आयोजन धूमधाम से संपन्न हुआ। महान हकीम अजमल खान की जयंती पर समर्पित यह कार्यक्रम सुबह 11 बजे शुरू होकर शाम तक चला, जिसमें पूरे प्रदेश से सैकड़ों यूनानी चिकित्सक, छात्र और स्वास्थ्य प्रेमी एकजुट होकर इस वैदिक पैथी के उत्थान का संकल्प लिया। हरे-भरे परिसर में गूंजे नारों और सांस्कृतिक धुनों के बीच यह उत्सव न केवल एक आयोजन था, बल्कि यूनानी चिकित्सा की प्राकृतिक धरोहर को बचाने की एक मजबूत पुकार साबित हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत हकीम अजमल खान की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई, उसके बाद विशेषज्ञों के व्याख्यानों ने मंच रोशन कर दिया। डॉ. मोहम्मद यूसुफ, संस्थान के डायरेक्टर ने भावुक संबोधन में कहा, “आज हमने न केवल जश्न मनाया, बल्कि एक क्रांति की नींव रखी। यूनानी पैथी की जड़ी-बूटियां और होलिस्टिक अप्रोच ही आधुनिक स्वास्थ्य की कुंजी हैं – अगर हम एकजुट न होंगे, तो यह धरोहर इतिहास के पन्नों में सिमट जाएगी!” उनकी अपील पर तालियां गूंज उठीं, और सैकड़ों चिकित्सकों ने ‘यूनानी जिंदाबाद!’ के नारे लगाए।कार्यशालाओं में युवाओं को प्राकृतिक जड़ी-बूटियों जैसे अश्वगंधा, त्रिफला और यूनानी फॉर्मूलों का सीक्रेट सिखाया गया, जबकि जागरूकता सत्रों में संतुलित आहार और योग की भूमिका पर गहन चर्चा हुई। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को और रंगीन बना दिया – पारंपरिक यूनानी संगीत, नृत्य और लोकगीतों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विशेष आकर्षण रहा मुफ्त स्वास्थ्य शिविर, जहां 500 से अधिक लोगों को यूनानी दवाओं का लाभ मिला, खासकर मधुमेह और जोड़ों के दर्द जैसी आम बीमारियों के लिए। HMH पैरामेडिकल कॉलेज, जो हाजी मंगता हसन चैरिटेबल वेलफेयर ट्रस्ट के तहत यूनानी और आयुर्वेदिक शिक्षा का गढ़ है, ने इस आयोजन से उत्तराखंड-उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों जैसे हरिद्वार, मुरादाबाद और सहारनपुर के निवासियों को एक अनमोल तोहफा दिया। छात्रों ने बताया, “यह कार्यक्रम हमें नई ऊर्जा दे गया – अब हम यूनानी को सोशल मीडिया पर भी प्रमोट करेंगे!” राष्ट्रीय स्तर पर मुंबई में आयोजित ‘इनोवेशन एंड एविडेंस इन यूनानी प्रैक्टिस’ सम्मेलन से प्रेरित होकर, यहां भी नवाचार पर जोर दिया गया, जैसे डिजिटल ऐप्स से यूनानी दवाओं का वितरण। आज का यह समापन न केवल सफल रहा, बल्कि एक वादा भी था – यूनानी चिकित्सा को वैश्विक पटल पर मजबूत करने का। यदि आप भी इस धरोहर का हिस्सा बनना चाहें, तो HMH पैरामेडिकल कॉलेज से जुड़ें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *