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कलश यात्रा के साथ हुआ श्रीमद् भागवत कथा का दिव्य शुभारंभ,आचार्य रजनीश शास्त्री जी महाराज ने बताई भागवत कथा के महत्ता

रुड़की।आशीर्वाद इनक्लेव में श्रीमद्भागवत कथा का दिव्य आयोजन कलश यात्रा के साथ प्रारंभ हुआ।कलश यात्रा नगर भ्रमण करते हुए कथा स्थल तक पहुँची,जहां आचार्य पंडित रजनीश शास्त्री जी महाराज ने कथा का महत्व बताते हुए कहा कि मृत्यु को जानने से मृत्यु का भय मन से मिट जाता है,जिस प्रकार परीक्षित ने भागवत कथा का श्रवण कर अभय को प्राप्त किया,वैसे ही भागवत जीव को अभय बना देती है।आचार्य रजनीश शास्त्री जी महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा परमात्मा का अक्षर स्वरूप है।यह परमहंसों की संहिता है।भागवत कथा हृदय को जागृत कर मुक्ति का मार्ग दिखाता है।भागवत कथा भगवान के प्रति अनुराग उत्पन्न करती है।यह ग्रंथ वेद,उपनिषद का सार रूपी फल है।यह कथा रूपी अमृत देवताओं को भी दुर्लभ है।इस अवसर पर मुख्य यजमान के रूप में निखिल वर्मा व नेहा वर्मा रहे।इस अवसर पर आयोजक मंडल अमित सेन,पूनम त्यागी,आरती सेन,विशाल आहूजा,राखी आहूजा,सुनील धीमान,प्रमोद वर्मा,मंजु वर्मा,अनुपलता,शशि सैनी,महेंद्र कुमार कंसल,बिजेंद्र माहेश्वरी,आशिष वर्मा,अजय अवस्थी,अंशुल जैन,रजनी कालरा,दीपा कालरा,आशु मेहंदीरत्ता,अमित आहूजा,दीप अग्रवाल,प्रकाश सैमुअल,रामविलोचन,परवीन शास्त्री,गणेश शास्त्री,दिनेश सेमवाल,सोनिया गोस्वामी।
आदि बड़ी संख्या में भक्तगण मौजूद रहे।

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