अवैध अल्ट्रासाउंड मशीन ज़ब्त, भ्रूण लिंग परीक्षण के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की सख्त कार्रवाई
मुज़फ़्फ़रनगर
भ्रूण लिंग परीक्षण जैसी गैरकानूनी और सामाजिक रूप से हानिकारक गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। इसी कड़ी में आज जनपद मुज़फ़्फ़रनगर के रामपुर गाँव में पानीपत (हरियाणा) की पीसीपीएनडीटी टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से संचालित पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन बरामद की। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसमें संदेह था कि गाँव में गैरकानूनी ढंग से भ्रूण लिंग परीक्षण किया जा रहा है। पानीपत पीसीपीएनडीटी टीम ने स्थानीय प्रशासन के सहयोग से रामपुर गाँव में छापेमारी की। इस दौरान अनीस अहमद (पुत्र खलील अहमद, निवासी देवबंद, सहारनपुर) के कब्जे से एक पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन बरामद हुई। मशीन को तत्काल ज़ब्त कर लिया गया, और आरोपी के खिलाफ प्री-कन्सेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नॉस्टिक टेक्निक्स (PCPNDT) एक्ट, 1994 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। संबंधित थाने में एफ़.आई.आर. दर्ज की गई है, और मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है। इस दौरान डॉ. अभय बतस पीसीपीएनडीटी नोडल अधिकारी, पानीपत, डॉ. ललित कुंदु पीसीपीएनडीटी नोडल अधिकारी, पानीपत, डॉ. ज्योति महिला चिकित्सा अधिकारी, सिविल सर्जन कार्यालय, पानीपत, डॉ. प्रशांत कुमार सहायक मुख्य चिकित्साधिकारी, मुज़फ़्फ़रनगर, डॉ. विपिन कुमार पीसीपीएनडीटी नोडल अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय, मुज़फ़्फ़रनगर (उत्तर प्रदेश) मुज़फ़्फ़रनगर के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा, “भ्रूण लिंग परीक्षण न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि यह समाज में लिंगानुपात असंतुलन और बेटियों के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा है। ऐसी गतिविधियों में लिप्त लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने जनता से अपील की कि ऐसी अवैध गतिविधियों की सूचना तुरंत स्वास्थ्य विभाग या जिला प्रशासन को दें। उन्होंने आश्वासन दिया कि सूचनादाता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।



