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भारतीय भाषाओं में एकता के सूत्र पर मनाया गया भारतीय भाषा उत्सव

रिपोर्ट महिपाल शर्मा l
भारतीय भाषाओं में एकता के सूत्र पर मनाया गया भारतीय भाषा उत्सव
उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय की अखिल भारती य उच्च शिक्षा सर्वेक्षण, एक भारत श्रेष्ठ भारत तथा व्याख्यान समिति के संयुक्त तत्वधान में भारतीय भाषा उत्सव का अभिनव आयोजन अकादमिक भवन के व्यख्यान कक्ष में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत मेरी भाषा मेरा हस्ताक्षर, व्याख्यान एवं भारतीय भाषाओं में एकता के सूत्र विषय पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। निबंध प्रतियोगिता में 48 प्रतिभागियों ने भारतीय भाषाओं में एकता की भावना पर अपने विचार प्रकट किए। विश्वविद्यालय के कुलपति महोदय ने हस्ताक्षर अभियान का शुभारंभ करते हुए कहा कि सभी देशवासियों का कर्तव्य है कि वे भारतीय भाषाओं में निष्ठा रखने के साथ-साथ ही अपनी मातृभाषा के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए कोशिश करें। विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री गिरीश कुमार अवस्थी ने कहा कि भारतीय भाषा दिवस के मौके पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमो में अधिक से अधिक विद्यार्थियों के द्वारा प्रतिभाग करना भाषा के प्रति विद्यार्थियों के अतुलनीय जुड़ाव को प्रदर्शित करता है साथ ही नई पीढ़ी का अपनी संस्कृत के प्रति जुड़े भाव को दर्शाता है । कार्यक्रम के संयोजक डॉ उमेश कुमार शुक्ल ने कहा कि महान कवि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, पत्रकार, समाज सुधारक चिन्नास्वामी सुब्रमण्यम भारती के जयंती के अवसर पर भारतीय भाषा उत्सव का आयोजन देश के विभिन्न क्षेत्रों और भाषाओं के मध्य सेतु स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगा। कार्यक्रम सह संयोजक श्रीमती मीनाक्षी सिंह ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में मातृ भाषाओं से संबंधित प्रावधानों का परिचय दिया। कार्यक्रम में डॉ दिनेश चमोला, डॉ अरविंद नारायण मिश्र, डॉ अजय परमार, डॉ चन्द्रशेखर शर्मा, डॉ विनय सेठी, डॉ श्वेता अवस्थी, डर शैलेष तिवारी, डॉ प्रतिभा शुक्ला, डॉ कामाख्या कुमार, डॉ अरुण कुमार, डॉ सुमन प्रसाद भट्ट, डॉ सुशील कुमार चमोली, निजी सचिव मनोज गहतोड़ी, एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

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