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थाना बहादराबाद क्षेत्र अंतर्गत गश्तरत कर्मचारी गणों को एक बालक उम्र करीब 10 वर्ष लावारिस अवस्था में मिला

रिपोर्ट महिपाल शर्मा l
थाना बहादराबाद क्षेत्र अंतर्गत गश्तरत कर्मचारी गणों को एक बालक उम्र करीब 10 वर्ष लावारिस अवस्था में मिला जिससे जानकारी करने पर केवल अपना नाम शांतनु के अलावा कुछ भी नहीं बता पा रहा था कर्मचारी गणों द्वारा उक्त बालक शांतनु को सुरक्षा की दृष्टि से बाल संरक्षण अधिकारी श्रीमती पूनम प्रजापति और का. रेणु चौहान की मदद से थाना बहादराबाद पर लाया गया बालक को थाना बहादराबाद लाने पर भूखा प्यासा प्रतीत हो रहा था जिसको थाना कार्यालय में बैठा कर भोजन कराने के उपरांत तसल्ली देकर आराम से पुनः नाम पते की जानकारी की गई तो उपरोक्त बालक अपना नाम ,पिताजी का नाम और स्कूल का नाम ही सही से बता पाया था । हालांकि भाषा उत्तर पूर्वी भारत की होने के कारण ज्यादा समझ नहीं आ रहा था फिर भी इस संबंध में बालक से पूछताछ में बालक द्वारा अपने स्कूल हदराई राधामधाब हाई स्कूल बताया । इस स्कूल को गूगल में सर्च करने पर यह स्कूल त्रिपुरा के दक्षिण पुलिनपुर मोरछारा , थाना Teliamura में यह स्कूल स्थित होना पाया गया । इस संबंध में गूगल में थाना Teliamura के बारे में कांटेक्ट नंबर सर्च किया गया तो वहां थाना teliamura थाना के SHO श्री Subimal Barman के मोबाइल नंबर 9612418484 मिला जिनसे कांटेक्ट नंबर पर सम्पर्क कर उक्त बच्चे की वीडियो शेयर की गई तो उनके द्वारा तत्काल अपने स्तर से जानकारी कर उनके पिताजी तक यह सूचना भिजवाई । उस वक्त उनके पिताजी खेत मे थे घर आकर उनके द्वारा उनके द्वारा थानाध्यक्ष बहादराबाद के मोबाइल नंबर 9411111958 पर संपर्क कर वीडियो कॉल करने हेतु आग्रह किया । बालक की उनके परिजनों से वीडियो कॉल करवाई गई , जिससे दोनों तरफ आंखे नम हो गई। परिजनों द्वारा बताया कि इसको अभी एक माह पूर्व ही अगरतला कि किसी संस्था द्वारा हरिद्वार में वात्सल्य वाटिका में पढ़ाई हेतु भेजा गया था जहां पर निशुल्क पढ़ाई होती है , और वहां पर उत्तर पूर्व के काफी बच्चे अध्यनरत है । इससे पूर्व यह हदराई राधामधाब हाई स्कूल त्रिपुरा में पढ़ाई करता था परंतु आर्थिक स्थिति ठीक नही होने के कारण इसको वहां पढ़ाई हेतु वात्सल्य वाटिका भेजा गया था , परंतु दिनांक 26 जुलाई को इसके द्वारा अपने माँ पिताजी से वीडियो कॉल की थी जिससे इसको अपने माँ पिताजी की याद आने पर अपने घर जाने का मन करने लगा । इस संबंध में वात्सल्य वाटिका से संपर्क किया गया तो उनके द्वारा बच्चों की गिनती की गई और बताया कि हमारे यहां से एक बच्चा मिसिंग है हम उसी की तलाश कर रहे थे । परिजनों की सहमति और बच्चे को इस बात का आश्वासन दिलाते हुए कि आपको आपके घर भेजा जाएगा, साथ मे उनके पड़ोस गांव के बच्चे भी इसी वात्सल्य वाटिका में पढ़ाई करते है। बच्चे को वात्सल्य वाटिका के मौजीज व्यक्तियों को सुपुर्द किया गया और निर्देशित किया कि 2,3 दिन में उसके परिजनों के पास घर छुड़वा दे ।

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