ऑपरेशन प्रहार: ज्वालापुर में नशे के कारोबार पर पुलिस का शिकंजा, 600 नशीले कैप्सूल के साथ तस्कर गिरफ्तार
एएनटीएफ के हेड कांस्टेबल रियाज अली की अहम भूमिका, नीतुल यादव और रणजीत सिंह सिद्धू के योगदान से कार्रवाई को मिली मजबूती
हरिद्वार में नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए हरिद्वार पुलिस की ओर से चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत कोतवाली ज्वालापुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक युवक को 600 नशीले कैप्सूल के साथ गिरफ्तार किया है। एसएसपी हरिद्वार के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई इस कार्रवाई से नशे के अवैध कारोबार में लिप्त लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।
इस कार्रवाई में एएनटीएफ के हेड कांस्टेबल रियाज अली की महत्वपूर्ण भूमिका रही। नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए उनकी सक्रियता और प्रयासों के साथ नीतुल यादव तथा रणजीत सिंह सिद्धू के महत्वपूर्ण योगदान ने कार्रवाई को मजबूती प्रदान की। नशा तस्करी के विरुद्ध पुलिस की इस संयुक्त सक्रियता को अभियान की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
ट्रांसपोर्ट नगर में चेकिंग के दौरान गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, कोतवाली ज्वालापुर पुलिस ने चेकिंग के दौरान ट्रांसपोर्ट नगर में एलआईसी बिल्डिंग के पीछे से शाहरुख नामक युवक को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 480 कैप्सूल Spasmore और 120 कैप्सूल Spascore-Von समेत कुल 600 नशीले कैप्सूल बरामद किए गए।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान शाहरुख पुत्र शकील, निवासी ग्राम सराय, कोतवाली ज्वालापुर, जनपद हरिद्वार के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/22 के तहत मुकदमा दर्ज कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
नशे के नेटवर्क पर शिकंजा कसने की कवायद
हरिद्वार पुलिस नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। ऑपरेशन प्रहार के तहत की जा रही चेकिंग और धरपकड़ का उद्देश्य नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री पर रोक लगाना और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना है।
इस कार्रवाई में एएनटीएफ के हेड कांस्टेबल रियाज अली की भूमिका विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। नीतुल यादव और रणजीत सिंह सिद्धू के योगदान के साथ पुलिस की सक्रियता ने नशे के खिलाफ चल रहे अभियान को और धार दी है.पुलिस की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध अभियान लगातार जारी है। अब पुलिस की आगे की जांच में बरामद कैप्सूल के स्रोत और उनकी आपूर्ति से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा होना महत्वपूर्ण होगा।




