नगर में हुए भव्य अखिल भारतीय सनातन महाकुंभ में
अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ०रवींद्र पुरी महाराज सहित देशभर के संत-महंत,महामंडलेश्वर एवं ज्योतिष विद्वान हुए शामिल

रुड़की।ज्योतिष गुरुकुलम नवग्रह पीठ के संस्थापक अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त ज्योतिषाचार्य आचार्य रमेश सेमवाल महाराज के जन्मदिवस के अवसर पर रामनगर चौक स्थित होटल में भव्य अखिल भारतीय सनातन महाकुंभ का आयोजन किया गया,जिसमें धर्म,अध्यात्म,सनातन संस्कृति,ज्योतिष,वेद-वेदांत एवं भारतीय ऋषि परंपरा पर विशेष चर्चा हुई।कार्यक्रम में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए संत-महंत, महामंडलेश्वर, ज्योतिषाचार्य,विद्वान एवं सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ०रवींद्र पुरी महाराज ने की।उन्होंने सनातन धर्म की प्राचीनता,भारतीय संस्कृति और संत परंपरा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सनातन धर्म एक प्राचीन और अनंत परंपरा है,जिसकी मूल भावना मानव कल्याण,आध्यात्मिक उन्नति और लोकमंगल से जुड़ी है।उन्होंने कहा कि भारतीय सनातन परंपरा सदैव “सर्वे भवन्तु सुखिनः” की भावना के साथ समस्त समाज के कल्याण का संदेश देती रही है।मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ०रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने सनातन संस्कृति,भारतीय ज्ञान परंपरा और संस्कृत के संरक्षण एवं संवर्धन की आवश्यकता पर विचार रखे।उन्होंने कहा कि भारत की आध्यात्मिक एवं ज्ञान परंपरा का आधार वेद, उपनिषद, संस्कृत और ऋषियों की तपस्या से निर्मित हुआ है।नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति,शास्त्रों और भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ना समय की आवश्यकता है।डॉ०निशंक ने हाल में संस्कृत के विस्तार और नई पीढ़ी को भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दे चुके हैं।कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने सनातन संस्कृति और भारतीय परंपराओं के संरक्षण तथा सामाजिक जीवन में आध्यात्मिक मूल्यों की भूमिका पर अपने विचार रखे।महामंडलेश्वर स्वामी हरि चेतनानंद जी महाराज ने कहा कि सनातन केवल पूजा-पद्धति नहीं,बल्कि जीवन जीने की एक व्यापक पद्धति है।उन्होंने धर्म और अध्यात्म के माध्यम से समाज में संस्कार,सेवा और सद्भाव बढ़ाने का आह्वान किया।महामंडलेश्वर वेदमूर्ति जी महाराज ने वेदों की वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक परंपरा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय ऋषियों ने मानव जीवन के कल्याण के लिए ज्ञान की ऐसी परंपरा स्थापित की,जिसकी प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है।महामंडलेश्वर ललितानंद जी महाराज ने संत परंपरा और भारतीय संस्कृति के संरक्षण पर विचार व्यक्त किए।स्वामी विजयनाथ जी महाराज ने धर्म और अध्यात्म को समाज में संस्कार एवं सेवा से जोड़ने की बात कही,जबकि दिनेशानंद जी महाराज ने सनातन परंपरा में गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर प्रकाश डाला।कार्यक्रम में उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा विभाग के सचिव दीपक गैरौला भी मौजूद रहे।उन्होंने संस्कृत भाषा और भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन के महत्व पर विचार रखे।ज्योतिष गुरु डॉ०पवन सिन्हा ने ज्योतिष को भारतीय ज्ञान परंपरा का महत्वपूर्ण अंग बताते हुए कहा कि ज्योतिष का उद्देश्य केवल भविष्य कथन नहीं बल्कि व्यक्ति को जीवन के प्रति जागरूक करना और उचित मार्गदर्शन देना भी है।गंगोत्री धाम के रावल शिव प्रकाश महाराज जी ने भी गंगा की महिमा का वर्णन किया।आचार्य शुभेश शर्मा ने ज्योतिष एवं वैदिक परंपरा के विभिन्न पक्षों पर चर्चा की।डॉ०आशा त्यागी,अमित शर्मा तथा दीपक सैनी सहित अनेक विद्वानों ने भी कार्यक्रम में अपने विचार रखे। अंत में आचार्य रमेश सेमवाल जी महाराज ने सभी का आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम के मुख्य आयोजक एवं ज्योतिष गुरुकुलम नवग्रह पीठ के संस्थापक अध्यक्ष आचार्य रमेश सेमवाल महाराज ने सभी संत-महंतों,महामंडलेश्वरों,विद्वानों,अतिथियों एवं उपस्थित श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त कर कहा कि सनातन महाकुंभ का उद्देश्य धर्म, अध्यात्म,ज्योतिष और भारतीय ज्ञान परंपरा को एक मंच पर लाकर समाज के सामने सनातन संस्कृति के व्यापक स्वरूप को प्रस्तुत करना है।उन्होंने कहा कि वेद,वेदांत, ज्योतिष,गंगा,गीता,गायत्री और ऋषि परंपरा भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर हैं।इन परंपराओं के संरक्षण एवं नई पीढ़ी तक इनके ज्ञान को पहुंचाने के लिए ऐसे आयोजन निरंतर होते रहने चाहिए।मुख्य संयोजक सौरभ भूषण शर्मा ने आयोजन की व्यवस्थाओं एवं देशभर से आए संतों और विद्वानों के स्वागत के लिए सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।स्वागत अध्यक्ष डॉ०अर्पित सैनी ने कहा कि रुड़की में इस प्रकार का राष्ट्रीय स्तर का आध्यात्मिक एवं ज्ञान आधारित आयोजन होना नगर के लिए गौरव की बात है।इस अवसर पर राज्यमंत्री श्यामवीर सैनी,ओमप्रकाश जमदग्नि व शोभाराम प्रजापति सहित भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ०मधु सिंह,जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी,डोईवाला नगर पालिकाध्यक्ष नरेंद्र सिंह नेगी,सभासद रविंदर बेलवाल,सुलक्षणा सेमवाल,राधा भटनागर,चित्रा गोयल,मुदित गर्ग,डॉ०मंजुल धीमान आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।कार्यक्रम में धर्म,अध्यात्म, वेद-वेदांत,ज्योतिष और सनातन संस्कृति को लेकर सार्थक एवं ज्ञानवर्धक चर्चा हुई।इस मौके पर समस्त आए हुए अतिथिगणों का सम्मान किया गया।




