बीटी गंज (सुभाष गंज) आर्य समाज द्वारा वेद कथा का शुभारंभ,वेदों के माध्यम से अपनी संस्कृति और परंपराओं को जानने का मिलता है अवसर
रूडकी।आर्य समाज द्वारा श्रावणी पर्व पर बीटी गंज आर्य समाज मंदिर में वेद कथा का आयोजन किया गया।वेद पंडित आचार्य अनुज शास्त्री ने कहा कि आज हम वेदों को भूलकर भ्रंतियों और पाखंडों के चक्रव्यूह में फंस कर अपनी संस्कृति और परंपराओं को भूलते जा रहे हैं।आचार्य अनुज शास्त्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि ईश्वर सच्चिदानंदस्वरूप, निराकार,सर्वशक्तिमान,न्यायकारी,दयालु,अजन्मा,अनंत,निर्विकार,अनादि,अनुपम,सर्वाधार, सर्वेश्वर,सर्वव्यापक,सर्वान्तर्यामी,अजर,अमर, अभय,नित्य,पवित्र और सृष्टिकर्ता है,उसी की उपासना करनी योग्य है।उन्होंने कहा कि वेद सब सत्य विद्याओं की पुस्तक है।वेद का पढ़ना-पढ़ाना और सुनना-सुनाना सब आर्यों का परम धर्म है।उन्होंने कहा कि सब काम धर्मानुसार अर्थात सत्य और असत्य को विचार करके करने चाहिए।उन्होंने कहा कि अविद्या का नाश और विद्या की वृद्धि करनी चाहिए।प्रत्येक को अपनी ही उन्नति में संतुष्ट न रहना चाहिए,किन्तु सबकी उन्नति में अपनी उन्नति समझनी चाहिए।उन्होंने कहा कि मूर्ति पूजा,अवतारवाद, अंधविश्वास,जातिवाद का खंडन,एक ईश्वर की उपासना और वेदों की ओर लौटो।”वेदों की ओर लौटो” यही जीवन का मूलमंत्र है।कार्यक्रम के यजमान डॉ०अरुण त्यागी,आर्य समाज प्रधान डॉक्टर अरुण त्यागी परिवार सहित उपस्थित हुए एवं यज्ञ पुरोहित आचार्य निरंजन ने यज्ञ किया यज्ञ के अवसर पर विजय वर्मा,राजकुमार अनेजा,हरफूल राठी,उर्मिला राठी,सौरभ त्यागी आदि उपस्थित रहे।भजन उपदेशिका कुमारी माद्री शास्त्री ने भजन के माध्यम से सत्य एवं असत्य मार्ग के परिणाम का बहु को भी वर्णन किया,जिसे सुनकर उपस्थित भक्तजन भाव विभोर हो गए।श्रावणी वेद कथा पर्व पर मनोज शर्मा,सुरेश कुमार बंसल,रविंद्र कुमार त्यागी,सतीश कुमार,कवि पत्रकार अफजल मंगलौरी एवं ममता आर्य ने उपस्थित होकर अपना योगदान दिया।




