बाल अधिकारों की सुरक्षा पर जागरूकता का संदेश, लक्सर में आयोग की कार्यशालाखंड शिक्षा अधिकारी व डीएलएसए की सचिव ने भी बच्चों के अधिकारों और संरक्षण योजनाओं पर किया संबोधनलक्सर (फरमान खान) उत्तराखण्ड बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा विकास खण्ड सभागार, लक्सर में “बाल अधिकार एवं सुरक्षा” विषय पर एक दिवसीय जन-जागरूकता एवं संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में बच्चों के अधिकारों की रक्षा, शिक्षा, सुरक्षा, संरक्षण तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई।कार्यक्रम में आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना, आयोग के माननीय सदस्य दयाल सिंह बिष्ट तथा आयोग के सचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल ने बाल संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों, शिक्षा का अधिकार अधिनियम, पॉक्सो अधिनियम तथा बाल शोषण की रोकथाम के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा केवल सरकार की नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।खंड शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ने अपने संबोधन में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने, विद्यालयों में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने तथा बाल अधिकारों के प्रति शिक्षकों और अभिभावकों की जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला। वहीं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) की सचिव एवं सिविल जज (सीनियर डिवीजन) सिमरनजीत कौर ने बच्चों के हितों एवं संरक्षण के लिए संचालित विधिक सहायता योजनाओं, बाल अधिकारों से संबंधित कानूनों तथा निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी देते हुए लोगों से बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षक एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने बाल हितों से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा करते हुए बच्चों के सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए विभागीय समन्वय और जनभागीदारी को आवश्यक बताया।कार्यक्रम का आयोजन खंड विकास अधिकारी, लक्सर प्रवीण भट्ट द्वारा किया गया। समापन पर बच्चों के अधिकारों की रक्षा एवं उनके समग्र विकास के लिए सभी विभागों के समन्वित प्रयासों पर विशेष जोर दिया गया।




