रुड़की।सुनहरा स्थित ऐतिहासिक वटवृक्ष प्रांगण में सन् 1857 के प्रथम स्वतंत्रता क्रांति दिवस के उपलक्ष में शहीदों को समर्पित कवि सम्मेलन व मुशायरे का आयोजन किया गया,जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में मेयर अनीता देवी अग्रवाल ने भाग लिया तथा वरिष्ठ समाजसेवी ईश्वर लाल शास्त्री ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।इस अवसर पर बोलते हुए मेयर अनीता ललित अग्रवाल ने कहा कि रुड़की स्थित वटवृक्ष उन शहीदों की याद दिलाता है,जिन्हें स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान फांसी पर लटकाया गया था,इसलिए इस ऐतिहासिक स्थल को यादगार बनाने के लिए नगर निगम की ओर से पहले भी विकास कार्य किए गए और भविष्य में भी किए जाएंगे।अंतर्राष्ट्रीय शायर अफजल मंगलौरी के संयोजन व संचालन में हुए कवि सम्मेलन एवं मुशायरा में देश के नामचीन कवियों ने देश के शहीदों राष्ट्रीय एकता तथा सद्भाव पर आधारित रचनाओं के माध्यम से काव्य पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।विशेष अतिथि के रूप में पूर्व मेयर गौरव गोयल,मारवाड़ी कन्या स्कूल के अध्यक्ष ललित मोहन अग्रवाल,महिला आयोग की पूर्व सदस्य एवं समाजसेविका रश्मि चौधरी,पूर्व पार्षद बेबी खन्ना,पीयूष ठाकुर,स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी डॉक्टर मोहम्मद मतीन व देशबंधु आर्य,उदय सिंह,समाजसेवी आशीष सैनी,रियाज कुरैशी,पूर्व शिक्षा उपनिदेशक ब्रह्मपाल सिंह सैनी, डॉ०शशि कुमार सैनी आदि ने भाग लिया।कवि सम्मेलन में रचना पाठ करने वाले कवियों में परमवीर कौशिक (देहरादून ),प्रदीप दीवाना (रामपुर ),अरुण शर्मा (हरिद्वार ),ओम प्रकाश नूर,कुमारी लक्ष्मी आर्य,सैयद नफीसुल हसन,प्रेरणा कौशिक, माधव सेन वर्मा,शाहरुख कुरैशी,ब्रह्मपाल निडर,प्रोफेसर अजय राजवंशी,प्रोफेसर संजय धीमान,गौरव सैनी,सलमान फरीदी,नीरज सैनी,सरस्वती रावत,उदय सिंह, पारुल भाटिया,नीरज अग्रवाल,सनाती बिरला आदि प्रमुख हैं।अंत में हरपाल सैनी ने सभी का आभार व्यक्त किया।




