डेवलपमेंट कंसोर्टियम की संस्थापक अनामिका श्रीवास्तव द्वारा सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास और पुस्तकालयों की शुरुआत – शिक्षा में एक नई क्रांति l
शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक और दूरदर्शी पहल के तहत डेवलपमेंट कंसोर्टियम की संस्थापक और सीईओ अनामिका श्रीवास्त और अवेंटर की प्रतिनिधि पंकज थपलियाल ने आज बहादराबाद ब्लॉक के राजकीय प्राथमिक विद्यालय रावली महदूद,द्वितीय में स्मार्ट क्लास और पुस्तकालय का शुभारंभ किया। इस अवसर पर बेसिक शिक्षा अधिकारी,हरिद्वार आशुतोष भंडारी भी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ हुआ।
यह पहल केवल एक विद्यालय तक सीमित नहीं है, बल्कि हरिद्वार और देहरादून के कुल 27 राजकीय विद्यालयों व छात्रावासों में 20 स्मार्ट क्लास और 15 पुस्तकालयों की स्थापना की गई है। इससे अब तक 9165 छात्र और 261 शिक्षक लाभान्वित हो चुके हैं।
विद्यालयों में लगाए गए इंटरएक्टिव फ्लैट पैनल डिस्प्ले में कक्षा 1 से 12 तक की उत्तराखंड बोर्ड आधारित डिजिटल सामग्री – जैसे वीडियो, ऑडियो, नोट्स, अभ्यास सेट, गतिविधियाँ और सिमुलेशन – हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में उपलब्ध कराई गई है। इस तकनीक के जरिए छात्र अब अधिक व्यावहारिक, रोचक और प्रभावशाली ढंग से पढ़ाई कर सकेंगे।
इसके साथ ही, प्रत्येक विद्यालय को 500 से अधिक पुस्तकों वाला पुस्तकालय भी प्रदान किया गया है, जिसमें कहानियाँ, विज्ञान, सामान्य ज्ञान, आत्म-विकास और चित्र पुस्तकें शामिल हैं – जो छात्रों की आयु और मानसिक स्तर के अनुसार चयनित की गई हैं।
इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकों ने डेवलपमेंट कंसोर्टियम और अवेंटर परफॉर्मेंस मटेरियल्स इंडिया प्रा. लि.का हार्दिक आभार जताते हुए कहा:
“डिजिटल क्लास और समृद्ध पुस्तकालय से हमारे छात्रों की सीखने की रुचि और समझ में बड़ा सुधार आएगा। यह एक ऐतिहासिक कदम है जिसे हम कभी नहीं भूलेंगे।”
बेसिक शिक्षा अधिकारी,हरिद्वार आशुतोष भंडारी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा:
“यह प्रयास सरकारी विद्यालयों को आधुनिक बनाने और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण है।”
कार्यक्रम में अनामिका श्रीवास्तव ,पंकज थपलियाल,शैलेंद्र ,वसीम अहमद, अतुल आज़ाद, गरिमा पांडे, तथा विद्यालय से संगीता सिंह,गौरव रस्तोगी,अवल सिंह,दीपक कुमार,नीरज, अनिल जोशी ,वाजपेई ,भास्कर नौटियाल सहित अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे।
अपने वक्तव्य में अनामिका श्रीवास्तव ने कहा: “हमारी संस्था का उद्देश्य बच्चों के समग्र विकास को प्रोत्साहित करना है। शिक्षा की गुणवत्ता और संसाधनों की समृद्धि ही भारत के भविष्य को उज्जवल बनाएंगे, और हम इसी दिशा में निरंतर काम कर रहे हैं और करते रहेंगे।”
कार्यक्रम का समापन विद्यालय के शिक्षकगणों व छात्रों द्वारा अतिथियों को स्मृति चिह्न और उनके द्वारा बनाए गए उपहार भेंट कर किए गया। यह आयोजन न केवल छात्रों के लिए एक नई शुरुआत है, बल्कि सरकारी शिक्षा प्रणाली के उन्नयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।




