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सिडकुल हरिद्वार में अन्य जगहों से आए भिन्न-भिन्न फैक्ट्रीयों में कर्मचारी काम कर रहे हैं। जिनका ESIC का पैसा भी उनकी सैलरी से काट लिया जाता है।

रिपोर्ट महिपाल शर्मा l
सिडकुल हरिद्वार में अन्य जगहों से आए भिन्न-भिन्न फैक्ट्रीयों में कर्मचारी काम कर रहे हैं। जिनका ESIC का पैसा भी उनकी सैलरी से काट लिया जाता है। ताकि कर्मचारी या कर्मचारी के परिवार के सदस्यों को ESIC के द्वारा मुक्त इलाज मिल सके। लेकिन सिडकुल हरिद्वार की बात करें तो फैक्ट्री विक्टोरिया कर्मचारी रतीराम व पंकज कुमार कर्मचारी विप्रो कंपनी के द्वारा आरोप लगाया है। कि यदि हम ESIC ऑफिस जाते हैं तो वहा के कर्मचारी हमारे से ठीक तरह से बात नहीं करते हैं। और यदि हम किसी बीमार सदस्य को अस्पताल में रेफर के लिए बोलते हैं तो रेफर भी नहीं करते। हमें निराश पर लौटना पड़ता है। फिर हमें अपने या अपने बीमार सदस्य का इलाज अस्पतालों में भारी मोटी रकम देकर कराना पड़ता है। वैसे तो सरकार बड़ी-बड़ी बातें करती है। लेकिन ESIC के द्वारा इलाज पर कर्मचारियों के पक्ष में कोई ध्यान नहीं दे रही। ESIC कर्मचारी पंकज ध्यान फार्मासिस्ट ने कहा है कि हमें दस प्रतिशत पेशेंट को ही रेफर करने के लिए बोला गया है। जबकि पुरे जिला हरिद्वार में लाखों की संख्या से भी ज्यादा कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। और ESIC के माध्यम से कुल चार या पांच अस्पताल इलाज कर रहे हैं। यह कैसे संभव होगा राज्य सरकार को ESIC अस्पतालों की संख्या बढ़ानी चाहिए।

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