गरीबी उन्मूलन का सबसे प्रभावी हथियार शिक्षा, इससे मजबूत होगा राष्ट्र: डॉ. केपी सिंह
हर्ष विद्या मंदिर पीजी कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस पर संगोष्ठी, वक्ताओं ने शिक्षा, सामाजिक न्याय और आत्मनिर्भरता को बताया विकास की कुंजी
रायसी (हरिद्वार)। हर्ष विद्या मंदिर पीजी कॉलेज, रायसी में शनिवार को अर्थशास्त्र विभाग की ओर से अंतरराष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की थीम ‘शांति और मानवाधिकारों के लिए एकजुट’ रही। इस अवसर पर वक्ताओं ने गरीबी उन्मूलन, सामाजिक समानता, शिक्षा, मानवाधिकार और आर्थिक आत्मनिर्भरता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गरीबी दूर करने के लिए केवल आर्थिक सहायता पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय प्रबंधक समिति के अध्यक्ष डॉ. केपी सिंह ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए गरीबी उन्मूलन के लिए जागरूकता, शिक्षा और सामाजिक सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया।
महाविद्यालय प्रबंधक समिति के सचिव डॉ. हर्ष कुमार दौलत ने कहा कि देश और दुनिया में अत्यधिक गरीबी की समस्या से निपटने के लिए शिक्षा सबसे प्रभावी माध्यम है। शिक्षित समाज ही आर्थिक रूप से मजबूत बन सकता है और राष्ट्र की प्रगति में सार्थक योगदान दे सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा को अपनी प्राथमिकता बनाकर समाज के कमजोर वर्गों को आगे बढ़ाने में सहयोग करने का आह्वान किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आदित्य गौतम ने कहा कि गरीबी, आर्थिक असमानता और अवसरों का अभाव समाज के समग्र विकास में बड़ी बाधाएं हैं। शिक्षा के माध्यम से वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़कर सामाजिक असमानता कम की जा सकती है। इससे सामाजिक न्याय को बढ़ावा मिलेगा और लोग अपनी क्षमताओं के बल पर जीवन स्तर बेहतर बनाते हुए देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सकेंगे।
शिक्षा और आत्मनिर्भरता से मजबूत होगी आर्थिक स्थिति
कार्यक्रम में डॉ. अजीत ने गरीबी कम करने में शिक्षा की भूमिका पर विचार रखते हुए विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। इतिहास विभाग के डॉ. प्रशंस कुमार ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के प्रति लगनशील रहने और आत्मनिर्भर बनकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए प्रेरित किया। वहीं, राजनीति विज्ञान विभाग के डॉ. मनोज ने सामाजिक मूल्यों, समानता और सामाजिक न्याय के माध्यम से गरीब एवं वंचित वर्गों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर दिया। भूगोल विभाग के डॉ. अतुल कुमार दुबे ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया।
कार्यक्रम के समापन पर अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. रमेश ने कहा कि गरीबी का स्थायी समाधान केवल लोगों को आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं है। इसके लिए उन्हें अपनी क्षमताओं का विकास करने, योग्यता के अनुसार आगे बढ़ने और बेहतर अवसर प्राप्त करने का मौका देना होगा। जब लोगों के पास आजीविका के पर्याप्त विकल्प और अपने जीवन के फैसले लेने की स्वतंत्रता होगी, तभी गरीबी को प्रभावी ढंग से कम किया जा सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. मुरली, डॉ. सरला, श्री अमूल त्यागी सहित महाविद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी मौजूद रहे। विद्यार्थियों में प्रियांशी, अंशिका, रितेश कुमार, रंजीत और पारस ने अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।




