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सेवा संकल्प अभियान के तहत संस्कृत विश्वविद्यालय में हुआ वृक्षारोपण l

सेवा संकल्प अभियान के तहत संस्कृत विश्वविद्यालय में हुआ वृक्षारोपण l
बहादराबाद


उत्तराखंड शासन द्वारा संचालित ‘सेवा संकल्प अभियान-2026’ के अंतर्गत उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय, हरिद्वार में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न स्थानों पर सहजन के पौधे रोपे गए।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के पर्यावरणीय जागरूकता एवं मूल्य चेतना प्रकोष्ठ के नोडल अधिकारी एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ. विनय सेठी ने कहा कि पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए वन एवं वृक्ष आवरण में निरंतर वृद्धि आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारत का कुल वन एवं वृक्ष आवरण 25 प्रतिशत से अधिक हो चुका है, जबकि देश ने इसे बढ़ाकर 33 प्रतिशत से अधिक तक ले जाने का दायित्व अभी शेष है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि लगाए गए पौधों का संरक्षण एवं उनका वृक्ष के रूप में विकसित होना भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव दिनेश राणा ने वृक्षारोपण को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि पौधे लगाना प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों से इस प्रकार के रचनात्मक एवं जनहितकारी कार्यों से निरंतर जुड़ने की अपील की।
सेवा संकल्प अभियान की नोडल अधिकारी प्रो. विन्दुमती द्विवेदी ने सहजन के पौधे के औषधीय एवं उपयोगी गुणों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सहजन एक बहुउपयोगी पौधा है, जिसका भारतीय जीवन परंपरा में विशेष महत्व रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को अधिक से अधिक उपयोगी एवं स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया।
सेवा संकल्प अभियान की सहायक नोडल अधिकारी मीनाक्षी रावत ने विद्यार्थियों को वृक्षों के महत्व तथा उनके संरक्षण की आवश्यकता से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार या संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से ही पर्यावरणीय लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सकता है।
छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. लक्ष्मी नारायण जोशी ने कहा कि वृक्ष बिना किसी भेदभाव के संपूर्ण मानव समाज की सेवा करते हैं। वे हमें निःस्वार्थ सेवा, समानता और सह-अस्तित्व का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि प्रकृति से मिलने वाली इस सीख को विद्यार्थियों को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और मनोयोग से पौधारोपण किया तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण और संवर्धन का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता, जिम्मेदारी और सेवा भावना को बढ़ावा देने का संदेश दिया। इस अवसर पर क्रीड़ा अधिकारी डॉ. चंद्रशेखर शर्मा, डॉ. श्वेता अवस्थी, डॉ. सुमन प्रसाद भट्ट, डॉ. धीरज, सुशील चमोली, चरण सिंह, नाथीराम सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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