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पतित पावनी मां गंगा का भारतीय संस्कृति और धर्म में अद्वितीय स्थान,पंडित रोहित वैदिकभाजपा जिला महामंत्री अक्षय प्रताप सिंह ने की गंगा आरती

रुड़की।प्रमुख गंगा घाट पर प्रतिदिन गंगा आरती में मुख्य पुजारी पंडित रोहित वैदिक द्वारा मां गंगा जी का पूजन‌ व आरती हुई,जिसमें बड़ी संख्या में भक्तगणों ने शामिल हो पूण्य लाभ कमाया।पंडित रोहित वैदिक ने मां गंगा की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि पतित पावनी माँ गंगा जी का भारतीय संस्कृति और धर्म में अद्वितीय स्थान है,यह केवल एक नदी नहीं,बल्कि मोक्षदायिनी और पाप-विनाशिनी देवी है।इनके जल को अमृत समान और पवित्र माना जाता है।कहा कि माँ गंगा का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व भी है

तथा मोक्ष की प्राप्ति की मान्यता है कि माँ गंगा के तट पर प्राण त्यागने या उनकी धारा में स्नान करने से व्यक्ति को जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति (मोक्ष) मिल जाती है।इनका स्मरण मात्र ही सभी कष्टों और पापों को हर लेता है।गंगा में डुबकी लगाने से तन और मन दोनों पवित्र होते हैं।यह नकारात्मक ऊर्जा,मानसिक संताप और शारीरिक रोगों का नाश करती है।पौराणिक कथाओं के अनुसार राजा भगीरथ की कठोर तपस्या के फलस्वरूप माँ गंगा स्वर्ग से उतरकर भगवान शिव की जटाओं में समाईं और फिर धरती पर प्रवाहित हुई,इससे राजा सगर के साठ हजार पुत्रों को मुक्ति प्राप्त हुई थी।भारत में गंगा नदी को माँ के समान माना जाता है।जन्म से लेकर मृत्यु तक के अधिकांश संस्कारों जैसे मुंडन,विवाह और अंत्येष्टि के बाद अस्थि विसर्जन में गंगाजल का प्रयोग अनिवार्य माना जाता है।इसका वैज्ञानिक दृष्टिकोण भी है।गंगा का जल प्राकृतिक रूप से औषधीय गुणों से भरपूर है और यह स्वतः शुद्ध है।शास्त्रों के अनुसार पूर्ण फल की प्राप्ति के लिए गंगा में कम से कम पांच या सात डुबकी लगानी चाहिए और “ॐ गंगे हर” या “हर हर गंगका जाप करना चाहिए।मुख्य यजमान भाजपा के जिला महामंत्री अक्षय प्रताप सिंह में गंगा आरती में शामिल पूजा-अर्चना की तथा राष्ट्र कल्याण और सुख समृद्धि की कामना करते हुए नगर वासियों के मंगलमय जीवन की कामना की।भाजपा जिला महामंत्री अक्षय प्रताप सिंह का पंडित रोहित वैदिक द्वारा सम्मान किया गया।इस अवसर पर पं०चंद्रमोहन,पंडित सचिन,पं०राजकुमार,आचार्य पं०लव कुश,प०केशव आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

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