*रेलवे परिसर में जिम्मेदारी से बचने का आरोप, जीआरपी लक्सर (हरिद्वार) की कार्यशैली पर उठे सवाल
*लक्सर (फरमान खान) लक्सर रेलवे स्टेशन परिसर में जीआरपी लक्सर हरिद्वार द्वारा रेलवे बाउंड्री पर ‘नो एंट्री’ का बोर्ड लगाए जाने के बाद लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर आमजन के आवागमन पर रोक तो लगा दी गई, लेकिन रेलवे परिसर में होने वाली घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।क्षेत्रवासियों का कहना है कि जीआरपी लक्सर रेलवे परिसर में मोटरसाइकिल चोरी, झगड़े और अन्य घटनाओं के पीड़ित जब जीआरपी के पास पहुंचते हैं तो कई बार उन्हें अधिकार क्षेत्र का हवाला देकर इधर-उधर भेज दिया जाता है। लोगों का आरोप है कि एक मोटरसाइकिल चोरी के मामले में भी जीआरपी ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की और पीड़ित को दूसरे थाने जाने की सलाह दी, जिससे उसे न्याय के लिए भटकना पड़ा।स्थानीय लोगों का आरोप है कि जीआरपी लक्सर रेलवे परिसर में होने वाली घटनाओं की जिम्मेदारी लेने के बजाय कई मामलों में क्षेत्राधिकार का हवाला देकर कार्रवाई से बचती है। उनका कहना है कि इससे अपराधियों के हौसले बढ़ रहे हैं और यात्रियों व आमजन का पुलिस व्यवस्था से विश्वास कमजोर हो रहा है।लोगों ने मांग की है कि जीआरपी लक्सर रेलवे परिसर में होने वाले अपराधों और शिकायतों पर स्पष्ट जिम्मेदारी तय की जाए तथा पीड़ितों की शिकायतों पर तत्काल और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि यदि जीआरपी लक्सर रेलवे परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी जीआरपी के पास है, तो आमजन की शिकायतों का समाधान भी उसी गंभीरता और जवाबदेही के साथ किया जाना चाहिए।




