ग्रामीणों के विरोध के कारण उत्तर प्रदेश सिचाई विभाग का पिला पंजा नहीं चला l
राज्य सड़क मार्ग के किनारे उत्तरप्रदेश सिचाई विभाग ने आज छोटी नहर पटरी पर अतिक्रमण कर खोके, ठेली, झुग्गी झोपड़ियो को हटाने का कार्य ग्रामीणों के भारी विरोध के कारण नहीं किया जा सका l
उल्लेखनीय है कि छोटी नहर पटरी पर राज्य सड़क मार्ग के किनारे लगभग 2 किमी नहर पटरी पर वर्षो से लोगो ने अतिक्रमण कर यहां पक्की दुकाने, टिनशेड की दुकाने, टिन शेड डालकर आस्थाई निवासी बना रखें हैं, जिन्हे हटाने के लिये दो दिन पूर्व विभाग ने अनाउंसमेंट कर अतिक्रमण कर्ताओ को अपने सामान को हटाने की चेतावनी दी थी l
आज जैसे ही स्थानीय लोगो को प्रशासन व सिचाई विभाग के अधिकारियो के आने की खबर लगी वैसे ही ग्रामीण नहर पटरी पर एकत्र हो कर विभाग के खिलाफ नारेबाजी करने लगे l ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग वर्षो से नहर पटरी पर बनी पक्की दुकानों को नहीं हटाता, लोगो का यह भी कहना हैं कि जो दुकानदार हर माह सुविधा शुल्क देता है वह मज़े में पटरी पर स्थाई या अस्थाई निर्माण कर लेता है, उन पर विभाग मेहरबान है,गरीब जनता को अनावश्यक परेशान किया जा रहा है l
हंगामे की सूचना पर बहादराबाद थाना अध्यक्ष अंकुश शर्मा ने मोके पर पहुँच कर स्थिति को सभाला और विभाग के कर्मचारियों व ग्रामीणों से वार्ता कर दोनों पक्षो को दो दिन का समय दिया है ताकि विभागीय अधिकारी लीगल नोटिस दिखाए व जनता को अपना सामान समेटने का मौका मिल सके, थाना अध्यक्ष के आश्वाशन के पश्चात ग्रामीण व विभाग की जे. सी.बी. चली गई l
विभाग की ओर से सहायक अभियंता भारत भूषण, मुनीष कुमार शर्मा डी. आर. ओं., डिबेश कुमार जिलेदार, राकेश कुमार अमीन, मनीष पाल सींचपाल, जे. इ. अश्वनी कुमार, राजकुमार तथा विरोध करने वालों में ग्राम प्रधान नीरज चौहान, दाताराम चौहान, अमित सिंघानिया, अमित कुमार, मनोज चौहान आदि शामिल रहे l




