मिलावटखोरों पर पड़ी हरिद्वार खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई फनकार,छापे के दौरान तीन मावे की भट्टियों से नकली मावे का जखीरा हुआ बरामद
हरिद्वार।त्योहारों के मौसम में मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने के लिए उत्तराखंड खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने मोर्चा खोल दिया है।मंगलवार को झिडियान फतेहपुर क्षेत्र में टीम ने मावा बनाने वाली तीन भट्टियों पर एक साथ छापे मारे। कार्रवाई के दौरान 1.5 क्विंटल से अधिक संदिग्ध मावा कब्जे में लिया गया और मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए जांच के बाद ही इन मावा भट्टियों के संचालको पर कानूनी कार्रवाई की गाज गिरेगी,जिसमें खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तराखण्ड (देहरादून) द्वारा जारी आदेश के क्रम में,उपायुक्त गढ़वाल मंडल श्री आर. एस. रावत के नेतृत्व में,सहायक आयुक्त श्री महिमानन्द जोशी,वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री दिलीप जैन,योगेन्द्र पाण्डेय, कैलाश चन्द्र टम्टा,पवन कुमार तथा भगवानपुर पुलिस टीम को साथ लेकर झिडियान फतेहपुर गांव में स्थित विभिन्न मावा भट्टियों का निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान झिडियान फतेहपुर की भट्टियों में दूध पाउडर और वनस्पति घी मिलाकर मावा तैयार किया जा रहा था।टीम को जगह-जगह गंदगी,धुआं और अस्वास्थ्यकर माहौल मिला।जिसमें पेड़ों की सूखी पत्तियां ईंधन के रूप में इस्तेमाल भी हो रही थीं।वही निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा विभागीय अधिकारियों को पहली भट्टी से पाच-पाच किलो के 12 पैकेट (कुल 60 किलो)मावा मिला।वही पूछताछ में कादिर अली ने स्वीकार किया कि वह दूध पाउडर और वनस्पति घी से मावा बना रहा था।और वही दूसरी मावा भट्टी,विलाल अहमद की थी, जहां पचास किलो मावा बिक्री के लिए रखा गया था।और तीसरी भट्टी, खालिद अली की थी,उस मामा भट्टी पर भी तीस किलो मावा निर्माणाधीन पाया गया।जिसमें इन तीनों जगहों से विधिक नमूने लेकर शेष मावा मौके पर ही नष्ट किए गए।सहायक आयुक्त अभिहित अधिकारी आर एस रावत डिप्टी कमिश्नर खाद्य सुरक्षा विभाग गढ़वाल मंडल ने कहा कि आयुक्त महोदय के आदेश पर यह कार्रवाई की गई।और मिलावटखोरों चेतावनी भी दी गई है,और कहा है की मिलावटखोरी चाहे कोई भी करे,अब बख्शा नहीं जाएगा।जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत मुकदमा दर्ज होगा।और उन्होंने बताया कि त्योहारों के मद्देनज़र सभी डेयरी और खाद्य उत्पाद इकाइयों पर पैनी नज़र रखी जा रही है।नियम तोड़ने वालों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी,त्योहारों के समय खाद्य उत्पादों में मिलावट करने वालों के खिलाफ यह सिर्फ़ शुरुआत है।हमने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ग़ैरक़ानूनी व अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में काम करने वालों पर सख़्त कानूनी कार्रवाई होगी।और कहा है की हमारा उद्देश्य आम जनता को शुद्ध व सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।सभी ज़िलों में छापेमारी बढ़ाई जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के ख़िलाफ़ मुक़दमे दर्ज कराकर उन्हें कड़ी सज़ा दिलाई जाएगी।जिसमें इससे एक दिन पहले ही रुड़की क्षेत्र में भी नकली पनीर बनाने वाली एक इकाई पर भी टीम ने छापा मारा था।लगातार दो दिनों की इन कार्रवाइयों ने यह साफ कर दिया है कि विभाग अब किसी भी मिलावटखोर को बख्शने के मूड में नहीं है।मावा बनाने के नाम पर चल रहा था मिलावट का खेल,नकली पनीर और मावा-दोनों पर सख्त निगरानी रुड़की क्षेत्र में नकली पनीर बनाने वाली इकाई पर भी हुई छापेमारी और झिडियान फतेहपुर की मावा भट्टियों पर की गई कार्रवाई ने मिलावटखोरों को साफ संदेश दे दिया है की।अब खाद्य सुरक्षा विभाग केवल जुर्माना नहीं लगाएगा,बल्कि मुकदमे भी दायर करेगा।स्थानीय लोगों से भी अपील की गई है कि वे मावा,दूध, पनीर और अन्य खाद्य उत्पाद खरीदते समय सतर्क रहें और संदिग्ध उत्पाद की जानकारी तुरंत विभाग को दें।कार्रवाई के असर से मिलावटखोरों में हड़कंप,टीम की गाड़ियों और जेसीबी को देखते ही कई लोग अपना सामान खुद हटाने लगे।मौके पर प्रशासन ने वीडियोग्राफी भी कराई,ताकि सबूत सुरक्षित रह सकें।इस कार्रवाई ने आसपास के क्षेत्रों के मिलावटखोरों को भी सतर्क कर दिया है।




