दिनदहाड़े लूटकांड का पर्दाफाश, मास्टरमाइंड समेत 4 आरोपी दबोचे।
बहादराबाद 31 अगस्त ( महिपाल )
कोतवाली रानीपुर क्षेत्र के शिवालिक नगर में दिनदहाड़े हुई सनसनीखेज लूटकांड का हरिद्वार पुलिस ने खुलासा कर दिया है। एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल के मार्गदर्शन और सीआईयू टीम के संयुक्त प्रयास से पुलिस ने घटना के मास्टरमाइंड सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लूट का सामान, नगदी और अवैध हथियार बरामद किए। पुलिस की इस कार्रवाई ने बदमाशों के दुस्साहस पर खाकी का साहस भारी साबित किया।
घटना गत 26 अगस्त की है जब शिवालिक नगर निवासी बीएचईएल रिटायर्ड कर्मचारी एवं प्रॉपर्टी डीलर के घर में घुसकर तीन बदमाशों ने महिला को तमंचे की दम पर डरा-धमकाकर लूटपाट की थी। पीड़िता मोना चौधरी की तहरीर पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने कई टीमों का गठन किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी स्वयं मौके पर पहुंचे और फिंगरप्रिंट टीम से साक्ष्य जुटवाए। पुलिस और सीआईयू टीम ने करीब 1000 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और 100 से अधिक संदिग्धों का सत्यापन किया। अथक प्रयासों के बाद मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने सुमन नगर रोड पर स्थित झोपड़ी से मास्टरमाइंड अजीत पुत्र भंवर सिंह को दबोच लिया। अजीत से पूछताछ में पता चला कि वह प्रॉपर्टी डीलिंग में भारी कर्ज में डूबा था और पीड़ित परिवार से हुए विवाद के चलते इस लूट की योजना बनाई।
अजीत की निशानदेही पर उसके तीन साथी सोमपाल उर्फ छोटू (मुजफ्फरनगर), नरेश (हापुड़) और विवेक (बागपत) को गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से लूट में इस्तेमाल तीन तमंचे, एक चाकू, तीन लाख रुपये नगद, सोने की चेन, डायमंड अंगूठी, एक पल्सर मोटरसाइकिल और पिट्ठू बैग बरामद हुए।
आरोपी अजीत ने बताया कि उसने प्रॉपर्टी के सौदे में 10 लाख रुपये अग्रिम दिए थे, लेकिन समय पर भुगतान न कर पाने के कारण पीड़ित ने उसकी जमीन वापस ले ली और रकम भी नहीं लौटाई। इसी नुकसान की भरपाई के लिए उसने अपने साथियों संग मिलकर लूट की योजना बनाई।
मुख्य आरोपी सोमपाल उर्फ छोटू का आपराधिक इतिहास बेहद लंबा है। उसके खिलाफ राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में हत्या, लूट और गैंगस्टर एक्ट के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपी आदतन अपराधी हैं और पैसों की जरूरत के चलते लूट को अंजाम दिया।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में कोतवाली रानीपुर प्रभारी कमल मोहन भंडारी सहित करीब दो दर्जन पुलिसकर्मी और सीआईयू टीम शामिल रही। पुलिस ने अभियुक्तों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया है l




