टिकिट बटवारे को लेकर पार्टियों में जूतम पैजार l
बहादराबाद 9 सितम्बर ( महिपाल )
हरिद्वार में होने वाले त्रि -स्तरीय पंचायत चुनाव में जिला परिषद के लिए टिकट बटवारा पार्टियों के लिए आतंरिक आरोप प्रत्यारोप में बदल गया है, भाजपा हो या कांग्रेस अथवा बसपा सभी में सिर फुटोवल देखने को मिल रहा है जिन को टिकट मिल गया वे पार्टियों की नीतियों को अच्छा मान रहे है और जो लोग टिकट पाने में सफल नहीं हो सके वे धन बल, चहेतो को टिकट देने का आरोप लगा कर अपनी नाराजगी जाता रहे हैं l ऐसे कई नेता अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार के सामने निर्दलीय चुनाव लड कर पार्टी प्रत्याशियों को अपना दम ख़म दिखाने में जुट चुके हैं l बसपा पर टिकट बटवारे में भाई भतीजा वाद, पैसों में टिकट बेचना जैसे आरोप पहले भी लगते रहे हैं इस बार कई नेता जो पिछले कई सालो से चुनाव की तैयारी कर रहे थे टिकट न पा सके तो पार्टियां छोड़ कर दल बदल करने में जुट गए हैं जिनमे रविन्द्र पनियाला सबसे पहले पार्टी का दानन छोड़ कर भाजपा में शामिल होने वाले नेता भी हैं लेकि न पार्टी छोड़ कर दल बदलने वालो को क्या पार्टियां टिकट दे कर जिला परिषद का चुनाव लड़ाएगी? यह देखना अभी बाकी है l वहीं भाजपा में जो लोग पिछले कई वर्षो से पार्टी में रह कर चुनाव लड़ने के सपने संजो रहे थे उनको यह किसी भी कीमत पर गवारा नहीं होगा कि उन्हें साइड कर नवागंतुको को प्राथमिकता दी जाए l यही हाल भाजपा का भी है जिस पर भी चहेतो को टिकट देने का आरोप लग रहा है जिसका एक उदाहरण बीते कल भाजपा कार्यालय में जिला अध्यक्ष डॉ जयपाल सिंह का विरोध करने पहुंचें कार्यकर्ताओ में देखने को मिला जिन्हे कार्यकर्ताओ का खासा विरोध झेलना पड़ा l वहीं बाल्मीकि समाज के एक कद्दावर नेता ने तो अपनी नाराजगी प्रकट करते हुए पूर्व विधायक सुरेश राठौर का पुतला तक फूँक दिया और जोरदार नारेबाजी करते हुए कहा कि इस चुनाव में ही नहीं आगामी चुनावों में भी भाजपा को इसका नुकसान झेलना होगा, कुछ कार्यकर्त्ता तो रानीपुर विधायक आदेश चौहान का इस बात पर विरोध कर रहे हैं कि उन्होंने अपनी राजनैतिक ताकत का दुरूपयोग कर सलेमपुर से अपने चाहते की पत्नि को टिकट दिला दिया जबकि उसके मुकाबले कई कार्यकर्त्ता जीत का दावा करते रह गए, तो कांग्रेस को भी कार्यकर्ताओ के विरोध का सामना करना पड़ रहा है जब ज्वालापुर विधायक रवि बहादुर की गाड़ी से नाराज कार्य कर्ताओ ने पोस्टर फाड़ डाले l हलाकि कोई भी पार्टी अपने सभी कार्यकर्ताओ को टिकट नहीं दें सकती पार्टियों का पेनल ही टिकट फ़ाइनल करता है और सभी पार्टियां चाहती है कि टिकट उसी को दिया जाए जो जीत सके l चुनाव में मन मुटाव सामान्य बात है l पार्टियां अब डेमेज कंट्रोल में जुट गई है अब देखना होगा कि चुनाव परिणाम क्या बताता है l




