उत्तर प्रदेश के बनारस थाने में दर्ज हत्या के मुकदमों के सबूत कलियर की जमीन में दफन मिले हैं। बनारस के थाना कैंट में दर्ज मुकदमे के अनुसार शरीफ हासमी पुत्र वकील हाशमी के खिलाफ 21 वर्षीय युवती को बहला फुसलाकर अपने प्रेम जाल में फंसाना और धर्म परिवर्तन करवाना और फिर हत्या करने का आरोप है। बताया गया है कि आरोपी ने 2020 में युवती से शादी की थी और तब से वह उसके साथ रह रही थी कुछ दिन बाद युवक कलियर आ गया और यहां 2021 में युवक ने शव को दफन कर दिया। युवती के परिजनों की तहरीर पर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ और पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया तो शरीफ ने शव को कलियर में दफनाने की बात कबूली। हालांकि आरोपी ने पुलिस को बताया है कि युवती की मौत बीमारी के कारण हुई थी। बनारस पुलिस ने स्थानीय पुलिस प्रसाशन की मदद से फोरेंसिंक टीम की मौजूदगी में शव (जो कि कंकाल में तब्दील हो चुका है) को कब्र से बाहर निकाला और डीएनए व फोरेंसिक जांच के लिए लैब भिजवाया। टीम का नेतृत्व कर रहे
नायाब तहसीलदार रुड़की ललित मोहन पोखरियाल का कहना है कि ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के निर्देश पर यूपी पुलिस ,कलियर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ कब्र खोदकर युवती के अवशेष को बाहर निकालकर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। टीम में एसओ कलियर मनोहर सिंह भंडारी, नायब तहसीदार ललित मोहन ,एसआई आमिर खान,फोरेंसिक टीम के अक्षय ,हरि सिंह ,लेखपाल,सलीम आदि मौजूद रहे।




