रिपोर्ट मोहम्मद आरिफ
हरिद्वार।
आज उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का का जन्मदिन है और हम सब भगवान से प्रार्थना करते हैं कि वह सदैव संगठन को मजबूत व पूर्व की भांति उत्तराखंड वासियों की सेवा करते रहें। विकास पुरुष की उपलब्धि प्राप्त करने वाले लोकप्रिय पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के नेतृत्व में उनके कार्यकाल में उत्तराखंड का चहुमुखी विकास हुआ है जिसको कभी भुलाया नहीं जा सकता है। यह उक्त विचार उत्तराखंड राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता एवं उत्तराखंड प्रदेश किसान कांग्रेस कमेटी के गढ़वाल मंडल सचिव नीरज अग्रवाल ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के जन्मदिन पर जाहिर की है। वहीं उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव
डॉ. रणबीर नागर व प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के जन्मदिन पर हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं भी दी और
भगवान से उनके लिए उतम स्वास्थ्य, दीर्घ आयु तथा सुख समृद्धि प्रदान करने की कामना भी की है। उन्होंने कहा कि वह उत्तराखंड की माटी के लाल हैं और वह लंबे समय से इस प्रदेश की सेवा कर रहे हैं और उनके अनुभव का लाभ एक ओर जहां उत्तराखंड को मिल है वही प्रदेश के आमजन ने भी पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के कार्यकाल में उनके द्वारा चलाई गई विकास योजनाओं का भरपूर लाभ लिया है। उन्होंने अपने कार्यकाल में विकास की अनेकों ऐसी योजनाएं संचालित की है। जिनके लाभ से उत्तराखंड वासी छुट्टे नहीं है। जिनको कभी भुला नहीं जा सकता हैं। उत्तराखंड राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता एवं उत्तराखंड प्रदेश किसान कांग्रेस कमेटी के गढ़वाल मंडल सचिव नीरज अग्रवाल ने बताया कि उत्तराखंड में अल्मोड़ा जिले के छोटे से गांव मोहनरी से निकलकर प्रदेश के मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री तक हरीश रावत का सफर शानदार रहा है। 4 दशक से ज्यादा के राजनीतिक जीवन में उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। और उन उतार-चढ़ाव में भी जनमानस का दुख महसूस करने में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बिल्कुल भी कोताही नहीं बरती है। जिसके फलस्वरूप उत्तराखंड में वह विकास पुरुष पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के बाद सबसे बड़े नेता के रूप में उभर कर आए है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत उत्तराखंड के कद्दावर नेताओं में शुमार किए जाने वाले ऐसे राजनीतिज्ञ माने जाते हैं जो अपने प्रतिद्वंदियों से मात खाने के बाद भी हर बार और मजबूत होकर उभरे हैं। उनकी इसी कार्यशैली और दृढ़ विश्वास के कायल आज उनके विरोधी भी है।




