नवप्रवेशित छात्राध्यापकों के लिए ‘दीक्षा आरंभ’ कार्यक्रम आयोजित l
बहदराबाद उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के शिक्षाशास्त्र विभाग में सत्र 2026-28 में नवप्रवेशित छात्राध्यापक एवं छात्राध्यापिकाओं के लिए ‘दीक्षा आरंभ’ कार्यक्रम का गरिमापूर्ण आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों को विभागीय शैक्षणिक वातावरण, पाठ्यक्रम, शिक्षण-प्रशिक्षण की कार्यप्रणाली तथा विभागीय गतिविधियों से परिचित कराते हुए नव शैक्षणिक सत्र का सकारात्मक एवं सार्थक शुभारंभ करना रहा। कार्यक्रम में शिक्षाशास्त्र विभागाध्यक्ष द्वारा नवप्रवेशित छात्राध्यापकों एवं छात्राध्यापिकाओं का आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष द्वारा अध्यापक परिचय, विभाग परिचय, कार्यक्रम परिचय, पाठ्यक्रम परिचय एवं विषयवार प्रश्नपत्र परिचय के साथ-साथ विभाग में संचालित होने वाली दैनिक शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।साथ ही नव सत्र में छात्राध्यापकों की सक्रिय सहभागिता एवं नेतृत्व क्षमता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सत्र के दलनायक के रूप में छात्राध्यापक विनोद बेलवाल एवं दलनायिका के रूप में छात्राध्यापिका नेहा ओर कोषाध्यक्ष छात्राध्यापक खुश पंत को सर्वसम्मति से चयनित किया गया। सत्र समन्वय डॉ सुमन प्रसाद भट्ट द्वारा नवप्रवेशित छात्र-अध्यापकों को शिक्षक-प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन, नियमित उपस्थिति, शैक्षणिक सहभागिता, शिक्षण-कौशल के विकास तथा विभागीय गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के महत्व से भी अवगत कराया गया। विभाग द्वारा विशेष उपलब्धि के रूप में शिक्षाशास्त्र विभाग द्वारा पूर्व छात्रों एवं नवप्रवेशित छात्राध्यापकों के लिए CTET जैसी शिक्षक पात्रता परीक्षाओं की तैयारी हेतु अभिनव कार्यक्रम के अंतर्गत विशेष कक्षाओं के संचालन की व्यवस्था की गई है। इस पहल का उद्देश्य छात्र-अध्यापकों को विश्वविद्यालय के नियमित पाठ्यक्रम के साथ-साथ शिक्षक पात्रता परीक्षाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण एवं व्यवस्थित तैयारी का अवसर प्रदान करना है। विभाग द्वारा प्रारंभ की गई इस अभिनव पहल से विद्यार्थियों को विषयगत ज्ञान, शिक्षण-कौशल, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी एवं व्यावसायिक दक्षता के समन्वित विकास का अवसर प्राप्त होगा। यह पहल शिक्षाशास्त्र विभाग द्वारा विद्यार्थी-केंद्रित एवं रोजगारोन्मुख शिक्षा की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम में शिक्षाशास्त्र विभाग की प्रोफेसर बिंदुमती द्विवेदी, प्रोफेसर अरविंद नारायण मिश्र, डॉ. सुमन प्रसाद भट्ट, श्रीमती मीनाक्षी सिंह रावत, कार्यालय लिपिक श्रीमती अनीता कुकरेती एवं अनुसेवक श्री धर्मेंद्र पांडे, पूर्व छात्राध्यापक जगदीश चंद्र पांडे की गरिमामयी उपस्थिति रही। विभागीय शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने नवप्रवेशित छात्र-अध्यापकों का मार्गदर्शन करते हुए उनके उज्ज्वल शैक्षणिक भविष्य के लिए शुभकामनाएँ प्रदान कीं। सामूहिक शान्ति पाठ के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।




