संस्कृत सप्ताह महोत्सव के द्वितीय दिवस पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन l
बहादराबाद 26 अगस्त
उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय, हरिद्वार के शिक्षा शास्त्र विभाग में आयोजित संस्कृत सप्ताह महोत्सव के द्वितीय दिवस के अंतर्गत भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ शिक्षा शास्त्र विभाग के पूर्व छात्र-अध्यापक श्री जगदीश चन्द्र पाण्डे के कुशल संचालन में हुआ।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की प्रतिमा पर पुष्पार्चन किया गया। इसके पश्चात् मंगलाचरण के साथ कार्यक्रम को विधिवत् एवं मंगलमय रूप से आगे बढ़ाया गया।
इसके उपरान्त भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें कुल सात छात्र-अध्यापकों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। प्रतिभागियों ने निर्धारित विषयों पर अपने विचार प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किए।
प्रतियोगिता के पश्चात् निर्णायक एवं अध्यक्षीय उद्बोधन हुआ। प्रतियोगिता के निर्णायक के रूप में शिक्षा शास्त्र विभाग के प्रोफेसर डॉ. अरविन्द नारायण मिश्र तथा श्री आशीष लोहाट उपस्थित रहे। निर्णायक के उद्बोधन में डॉ. अरविन्द नारायण मिश्र ने वर्तमान समय में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के शिक्षा-दर्शन की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए छात्र-अध्यापक संबंधों के संदर्भ में उनके विचारों की महत्ता को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान शिक्षा-व्यवस्था में शिक्षक एवं विद्यार्थी के मध्य सुदृढ़, आत्मीय एवं आदर्श संबंधों का विशेष महत्व है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं संरक्षण शिक्षा शास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. प्रकाश चन्द्र पन्त ने किया। इस अवसर पर विभाग के सभी सहायक आचार्य एवं प्राध्यापक उपस्थित रहे। सह-संयोजिका श्रीमती मीनाक्षी सिंह रावत ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए आयोजन के विभिन्न पक्षों की जानकारी दी।
इसके पश्चात् प्रोफेसर डॉ. बिन्दुमती द्विवेदी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग प्रदान करने वाले सभी अतिथियों, निर्णायकों, विभागीय आचार्यों, प्राध्यापकों एवं प्रतिभागी छात्र-अध्यापकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
प्रतियोगिता का परिणाम 31 अगस्त को घोषित किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों द्वारा सामूहिक रूप से शान्ति-पाठ किया गया, जिसके साथ संस्कृत सप्ताह महोत्सव के द्वितीय दिवस का यह कार्यक्रम विधिवत् एवं मंगलमय रूप से सम्पन्न हुआ।
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. प्रकाश चन्द्र पन्त, प्रोफेसर डॉ. अरविन्द नारायण मिश्र, डॉ. सुमन प्रसाद भट्ट, प्रोफेसर डॉ. बिन्दुमती द्विवेदी सहित विभाग के अन्य प्राध्यापक, सहायक आचार्य एवं छात्र-अध्यापक उपस्थित रहे।



