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सेवा के रूप अनेक,किंतु शिक्षा दान के रूप में की गई सेवा महान पुण्य,पूर्व मेयर गौरव गोयल पिछले बीस वर्षों से स्कूली बच्चों को बांट रहे हैं निशुल्क पाठ्य सामग्री

रुड़की।”देर आए दुरुस्त आए” वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए नगर विधायक ने आखिरकार एक राजकीय विद्यालय में जाकर बच्चों को बैग ही नहीं बांटे,बल्कि उनके साथ अपने बचपन की स्कूली यादें भी ताजा की।समाज सेवा कोई भी हो,किंतु शिक्षा दान को बड़ा महान पूण्य बताया गया है और ये कार्य नगर के पूर्व मेयर गौरव गोयल पिछले बीस वर्षों से करते चले आ रहे हैं।नगर विधायक ने भी अब शायद पूर्व मेयर गौरव गोयल की राह पर चलते हुए रुड़की के एक राजकीय विद्यालय में बच्चों को बैग देने की शुरुआत की।शुरुआत तो अच्छी है पर चर्चा यह है कि बीस वर्षों से सत्ता पर काबिज नगर विधायक ने आगामी विधानसभा चुनाव नजदीक आते देख विद्यालय जाकर बच्चों को स्कूली बैग बांटे, जहां ये चुनावी लाभ के लिए उठाया कदम हो सकता है,वहीं इसके पीछे का कारण यह भी हो सकता है कि जब से नगर विधायक सुबे के मंत्री बने हैं,उनकी पब्लिक सेवा में कहीं ना कहीं कमी तो आई है,बहरहाल बरसात का मौसम शुरू हो चुका है और रुड़की नगर की जल-भराव व जल-निकासी की समस्या वर्षों पुरानी है,जो आज भी जस की तस है।पूरा नगर पिछले दो दिनों से हुई भारी बारिश में जलमग्न है और लोगों के घरों-दुकानों में पानी भरा हुआ है।नगर के अनेक वार्डों के निवासी जल-भराव की समस्या को लेकर पिछले काफी दिनों से आंदोलनरत रहे,लेकिन इस बार नगर में हुई भारी बारिश ने क्षेत्र के जल-निकासी व्यवस्था की हकीकत को उजागर कर दिया।बात अगर पूर्व मेयर गौरव गोयल के कार्यकाल की की जाए,तो नगर के सभी चालीस वार्डों के छोटे-बड़े नालों में उनके द्वारा विशेष सफाई अभियान चलाकर नाला गैंग के द्वारा सभी नालों की तह तक जो सफाई कराई गई थी,उससे नगर में जल-भराव की समस्या पर काफी हद तक काबू पा लिया गया था।नगर में इस बार हुई बरसात की प्रारंभिक भारी वर्षा से नगरवासियों को कठिनाई उठाने के साथ-साथ नुकसान भी हुआ है।अब उनके मंत्री बनने के बाद से पार्टी और समर्थकों में नाराजगी बताई गई है,क्योंकि जनसमस्याओं के निवारण की बजाय नगर विधायक अपने सम्मान समारोह और उद्घाटनों में कुछ ज्यादा ही दिलचस्पी ले रहे हैं।ज्ञात रहे की पूर्व मेयर गौरव गोयल लगभग बीस वर्षों से रुड़की नगर के सभी विद्यालयों के विद्यार्थियों एवं आसपास के स्कूलों में समस्त बच्चों को किताबें,कॉपियों के साथ-साथ कुछ गरीब परिवार के बच्चों की फीस भरने तथा स्कूली ड्रेस,जुराबें,जूतें व स्वेटर आदि भी वितरित करते आ रहे हैं।नगर में जनता में यह भी चर्चा है कि आज से पहले पालिकाध्यक्ष व विधायक रहते कभी उन्होंने स्कूलों में कोई बैग या किताबें बच्चों को नहीं दी,यही नहीं एक महंगे स्कूल के संस्थापक के रूप में बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने के लिए अच्छी खासी फीस…खैर सेवा कोई भी हो,सेवा ही होती है।अब देखना यह है कि शिक्षा दान की यह सेवा नगर विधायक कब तक जारी रखेंगे।

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