रणसूरा फायरिंग कांड में फरार आरोपी दबोचा, मुनादी के बाद भी नहीं बच सका कानून से
लक्सर ग्राम रणसूरा में जानलेवा फायरिंग के मामले में लक्सर पुलिस ने करीब डेढ़ माह से फरार चल रहे एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहा था। यहां तक कि न्यायालय से उद्घोषित अपराधी घोषित होने और गांव में ढोल-नगाड़ों के साथ मुनादी होने के बाद भी वह पुलिस की पकड़ से बचने की कोशिश करता रहा, लेकिन आखिरकार पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर उसे दबोच लिया।पुलिस के अनुसार 14 मई 2026 को ग्राम रणसूरा निवासी गुफरान ने कोतवाली लक्सर में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि विपक्षियों ने एक राय होकर उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की नीयत से फायरिंग की। इस संबंध में कोतवाली लक्सर में मुकदमा संख्या 450/2026 दर्ज किया गया था।मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और क्षेत्राधिकारी लक्सर के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक प्रवीण सिंह कोश्यारी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस इससे पहले इस मामले के मुख्य आरोपी अनीश को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश लगातार जारी है।पुलिस के मुताबिक फरार आरोपी जाहिद पुत्र यासीन गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। न्यायालय से उसे उद्घोषित अपराधी घोषित कराया गया और गांव में मुनादी भी कराई गई। इसके बावजूद वह पुलिस से बच नहीं सका। सोमवार को मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने रणसूरा गांव में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक प्रवीण सिंह कोश्यारी के नेतृत्व में वरिष्ठ उपनिरीक्षक नितिन चौहान, चौकी प्रभारी भिक्कमपुर उपनिरीक्षक दीपक चौधरी, हेड कांस्टेबल रियाज अली और हेड कांस्टेबल विनोद कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र और लगातार दबिश की रणनीति के बल पर फरार आरोपी तक पहुंच बनाकर उसे गिरफ्तार किया।पुलिस का कहना है कि मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।



