उत्तराखण्ड की राजनीति और सैन्य जगत से मंगलवार को एक बेहद दुःखद समाचार सामने आया। उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व सांसद भुवन चन्द्र खण्डूरी के निधन पर पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन को जनसेवा, सुशासन और राष्ट्रभक्ति के एक युग का अंत माना जा रहा है।लक्सर विधायक भाई शहजाद ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चन्द्र खण्डूरी जी ने अपने सैनिक जीवन में देश की सेवा, अनुशासन और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। वहीं सार्वजनिक जीवन में उन्होंने पारदर्शी शासन, ईमानदार राजनीति और जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।विधायक भाई शहजाद ने कहा कि उत्तराखण्ड के विकास में खण्डूरी जी का योगदान सदैव स्वर्ण अक्षरों में याद किया जाएगा। उन्होंने प्रदेश को सुशासन की नई दिशा देने का कार्य किया और आम जनता के हितों के लिए निरंतर संघर्षरत रहे।उन्होंने कहा कि खण्डूरी जी का निधन केवल उत्तराखण्ड ही नहीं, बल्कि पूरे देश की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके व्यक्तित्व और कार्यशैली से आने वाली पीढ़ियां प्रेरणा लेती रहेंगी।अंत में विधायक भाई शहजाद ने ईश्वर (अल्लाह) से प्रार्थना करते हुए दिवंगत आत्मा को स्वर्ग (जन्नत) में स्थान देने तथा शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।




