इंडियन रिकॉर्ड बुक में शामिल हुए कवि सम्मेलन में हरिद्वार के भुलक्कड़ सहित उत्तराखंड के चार कवियों को मिला मौका

समाज सेवा, पत्रकारिता के अलावा अब कवि के रूप में बन रही है पुष्पराज धीमान की पहचान
हरिद्वार पथरी
जहां एक तरफ आज की दुनिया में प्रसिद्धि पाने के लिए क्या कुछ नहीं कर रहा छोटी-मोटी रील बनाकर तुरंत फेसबुक पर डालकर लाइक कमेंट्स मांगते हैं परंतु कुछ लोग ऐसे हैं जो बिना फेसबुक का सहारा लिए अपने गांव जिले और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं ऐसा ही एक नाम उत्तराखंड प्रदेश जनपद हरिद्वार के गांव नसीरपुर कला निवासी पंडित पुष्पराज धीमान भुलक्कड़ का है जो न केवल समाज सेवा और पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं बल्कि उन्होंने अब कवि के रूप में खासी पहचान बनाई है दो दर्जन से भी अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक संस्थाओं द्वारा अपनी साहित्यिक सेवाओं के लिए विभिन्न सम्मान पाने वाले पंडित पुष्पराज धीमान भुलक्कड़ को हाल हे में बदायूं जिले के बिल्सी विधानसभा क्षेत्र में हुए कवि सम्मेलन में अपनी गजलों और हास्य रचनाएं सुना कर खूब वाह वाही लूटी इस कवि सम्मेलन में विभिन्न प्रदेशों के 107 कवियों ने निरंतर काव्य पाठ करके कवि सम्मेलन को इंडियन रिकॉर्ड बुक में दर्ज कराया है पुष्पराज धीमान के अलावा खटीमा की रहने वाली कवित्री श्रीमती शांति राणा मुकेश दीक्षित फिरोजाबाद उत्तर प्रदेश हाल निवासी डॉ संजीव सारस्वत तपन ललित मोहन जोशी अल्मोड़ा हाल निवासी दिल्ली को भी इस कवि सम्मेलन में काव्य पाठ करने का मौका मिला उत्तराखंड प्रदेश के गदरपुर मे सृजन साक्षात्कार साहित्यिक कार्यक्रम के अलावा एटा में हुए अंतरराष्ट्रीय काव्य महोत्सव और नोएडा में बाल दिवस के मौके पर आयोजित कवि सम्मेलन मैं बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे पंडित पुष्पराज धीमान भुलक्कड़ को उनकी साहित्यिक
सेवा के लिए सम्मानित किया गया है राष्ट्रीय कवि पंचायत मंच के संयोजक साहित्य कुमार चंचल कहते हैं की भुलक्कड़ विशिष्ट प्रतिभा के धनी है जो हर विधा में काव्य पाठ करते हैं उनकी कविताएं सरल और संदेश देने वाली होती है तो वही बिल्सी बदायूं कार्यक्रम के संयोजक हरगोविंद पाठक विष्णु असावा अमित वर्मा अंबर पंकज मतलबी सचिन जौहरी आदि ने भुलक्कड़ की साहित्यिक सेवाओं की प्रशंसा की है




