महात्मा गांधी की जयंती पर एड. कुंवर शादाब दरियापुर ने लिया संकल्प – “सत्य और अहिंसा से ही बनेगा सशक्त समाज”
भगवानपुर। महात्मा गांधी की जयंती (2 अक्टूबर) के अवसर पर एडवोकेट कुंवर शादाब दरियापुर (चैंबर नं. 62, बार एसोसिएशन भगवानपुर) ने बापू के जीवन और विचारों को याद करते हुए समाज को गांधीजी की शिक्षाओं पर चलने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि गांधी जी ने हमें सिखाया कि सत्य और अहिंसा ही सबसे बड़ी ताक़त हैं। एक वकील होने के नाते मुझे गर्व है कि गांधी जी ने भी अपने जीवन की शुरुआत वकालत से की थी, लेकिन उन्होंने यह दिखा दिया कि न्याय केवल अदालत तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के हर कोने तक पहुँचना चाहिए।
एडवोकेट शादाब ने कहा –
अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठानी चाहिए, पर हिंसा से नहीं।
सच बोलना चाहिए, चाहे वह कठिन क्यों न हो।
कानून और नैतिकता दोनों को साथ लेकर चलना ही सच्चा न्याय है।
उन्होंने आगे कहा कि आज जब समाज में विभाजन और नफ़रत की आवाज़ें सुनाई देती हैं, तब गांधी जी का मार्गदर्शन और भी ज़रूरी हो जाता है। गांधी जी का यह कथन – “कमज़ोर कभी माफ़ नहीं कर सकता, क्षमा करना मज़बूत की पहचान है” – हर किसी के जीवन का मूल मंत्र होना चाहिए।
इस अवसर पर एड. शादाब ने संकल्प लिया कि अपने जीवन और पेशे में सत्य, ईमानदारी और न्याय को सर्वोपरि रखेंगे और गांधी जी के दिखाए मार्ग पर चलकर समाज को बेहतर बनाने का प्रयास करेंगे।
अंत में उन्होंने कहा – “सत्य की लड़ाई कठिन ज़रूर है, पर उसकी जीत निश्चित है।”
जय हिंद!




