रिक्शा चालक के बेटे सुहैल ने NEET 2025 में 11000वीं रैंक हासिल कर रचा इतिहास
– ह्यूमैनिटी वेलफेयर सोसाइटी ने सुहैल से मुलाक़ात कर हौसला बढ़ाया
मुजफ्फरनगर
शहर के दक्षिणी खलापार निवासी सुहैल ने NEET 2025 में 552 अंकों के साथ 11000वीं रैंक हासिल कर एक प्रेरणादायक मील का पत्थर स्थापित किया है। रिक्शा चालक इमरान के बेटे सुहैल की यह उपलब्धि साबित करती है कि मेहनत और दृढ़ संकल्प के सामने कोई बाधा नहीं टिक सकती। गरीबी और संघर्षों के बीच भी इमरान ने अपने बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी, जिसका परिणाम सुहैल की इस शानदार सफलता के रूप में सामने आया। इस ऐतिहासिक क्षण में ह्यूमैनिटी वेलफेयर सोसाइटी ने सुहैल का हौसला बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सोसाइटी के सचिव एम शाहवेज ने सुहैल से मुलाकात कर उनकी उपलब्धि की प्रशंसा की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। ह्यूमैनिटी वेलफेयर सोसाइटी लंबे समय से शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए कार्यरत है। एम शाहवेज के नेतृत्व में सोसाइटी ने सुहैल जैसे प्रतिभावान युवाओं को प्रोत्साहित कर एक बार फिर साबित किया कि वे युवा सपनों को पंख देने और सामाजिक बदलाव लाने के लिए कटिबद्ध हैं। सोसाइटी के सचिव एम शाहवेज के इस प्रेरणादायक कार्य की जितनी सराहना की जाए, कम है। सुहैल और उनके परिवार को इस शानदार उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी गई। सुहैल ने अपने पिता के संघर्ष से प्रेरणा लेकर दिन-रात मेहनत की और NEET जैसी कठिन परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उनका सपना MBBS पूरा कर डॉक्टर बनकर गरीबों की सेवा करना है। शनिवार को परिणाम घोषित होने के बाद सुहैल के घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। दोस्त, रिश्तेदार और पड़ोसी उनकी इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं। सुहैल की कहानी न केवल उनके परिवार, बल्कि देश के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो यह साबित करती है कि मजबूत इरादों के साथ कोई भी सपना असंभव नहीं।




