उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार के माननीय कुलपति प्रोफेसर रमाकांत पाण्डेय ने देहरादून स्थित मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की। कुलपति का दायित्व सम्भालने के बाद उनकी यह पहली भेंटवार्ता थी, जिसमें उन्होंने संस्कृत शिक्षा से जुड़े गम्भीर मसलों पर मुख्यमंत्री के साथ विस्तृत चर्चा की। कुलपति प्रोफेसर पाण्डेय ने विश्वविद्यालय के विकास को लेकर अपने मन्तव्य से मुख्यमंत्री को अवगत कराया और उनके मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय को और भी अधिक ऊँचाइयों पर ले जाने का आग्रह किया। उन्होंने विश्वविद्यालय की वर्तमान स्थिति, भविष्य की योजनाओं और आवश्यक संसाधनों के बारे में भी मुख्यमंत्री को जानकारी दी। माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर कहा कि संस्कृत शिक्षा में अपार संभावनाएं हैं और उत्तराखंड को संस्कृत प्रदेश बनाने के लिए उनकी सरकार वचनबद्ध है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार की प्राथमिकताओं में संस्कृत शिक्षा को देशभर में एक अलग पहचान देने का संकल्प है।” मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि संस्कृत में नवाचार को बढ़ाने की जरूरत है ताकि यह प्राचीन भाषा आधुनिक समय में भी प्रासंगिक बनी रहे। इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर रमाकांत पांडेय ने विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित कलेंडर और डायरी मुख्यमंत्री को भेंट की। मुख्यमंत्री ने कुलपति को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार विश्वविद्यालय के विकास में हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।




